अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान। जनम-जनम रति राम पद यह बरदानु न आन॥ भावार्थ:-मुझे न अर्थ की रुचि (इच्छा) है, न धर्म की, न काम की और न मैं मोक्ष ही चाहता हूँ। जन्म-जन्म में मेरा श्री रामजी के चरणों में प्रेम हो, बस, यही वरदान माँगता हूँ, दूसरा कुछ नहीं॥ (अयोध्या काण्ड , भरत भारद्वाज मिलन ) #गौहत्या_बंद_करो_सरकार #malookpeeth #Darshan https://www.instagram.com/p/CGWf45agzk5/?igshid=q0kkvl2cyor3
















