कोलाहलपुर के सुरेश
ब्लॉग:- कोलाहलपुर के सुरेश सेण्टर से कच्चा माल ले कर आते हैं और डिजाइन अनुसार बुनने के बाद सेण्टर पर देने से उन्हे काम के अनुपात में भुगतान होता है। सुरेश के अनुसार दो सौ रुपया रोज की आमदनी है। "इससे बढ़िया कहीं नौकरी/वाचमैनी होती?"
सवेरे साढ़े सात बजे गंगा किनारे दिखे सुरेश। गंगा स्नान कर एक लोटा जल लिये लौट रहे थे। उसी लोटे से एक बार थोड़ा जल हनुमान मंदिर की ओर रास्ता चलते प्रणाम कर गिराया और आगे बढ़ गये। एक हाथ में लोटा और एक हाथ में मोटी लाठी लिये हुये। मैं उनके पीछे पीछे वापस लौट रहा था। रास्ता ओवरटेक करने की सम्भावना नहीं थी इसलिये साइकिल थामे मैं भी पैदल चल रहा था। बातचीत हुई। सुरेश एक हाथ में लोटा और एक हाथ में मोटी…
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