डर भाग 2
इत्तेफाक कि बात हैइत्तेफाक होते भीइत्तेफाक से हैं आप लोग पढ़ रहें हैं, किस्से कहानियों के एक शहर गुलक में रहने वाली सहर की कहानी । अब तक की कहानी के लिए पिछला अंक पढिए| अब आगे – सहर ने जब आँखे खोली तो खुद को किसी घर में पाया, मगर ये घर जाना पहचाना न था, वो एकदम से घबरा कर उठ बैठी, इस से पहले कि वो कुछ समझ पाती, उसने एक जाना पहचाना सा चेहरा अपनी और आता दिखाई पड़ा | ये तो शायद ,उसने मन ही मन में…
View On WordPress













