फाइबर के अस्थायी मंदिर में विराजेंगे रामलला, मंदिर में लगेंगे बुलेटप्रूफ शीशे
चैतन्य भारत न्यूज अयोध्या. केंद्र सरकार द्वारा ट्रस्ट के गठन के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कवायद शुरू हो चुकी है। ट्रस्ट की पहली बैठक भी बुधवार को दिल्ली में हो चुकी है, जल्द ही राम मंदिर निर्माण की तिथि भी घोषित हो सकती है। ऐसे में राम मंदिर के निर्माण से पहले उनके अस्थाई मंदिर के निर्माण का फैसला किया गया है ताकि भक्तगण उनके दर्शन कर सकें। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); खबरों के मुताबिक, इस अस्थाई मंदिर का खाका तैयार हो चुका है और गर्भ गृह से करीब 150 मीटर की दूरी पर मानस भवन के करीब मेकशिफ्ट मंदिर बनाया जाएगा। यह मंदिर पूरी तरह बुलेटप्रूफ हो सकता है और इसे फाइबर से तैयार किया जाएगा। अस्थाई मंदिर के निर्माण का फैसला हो चुका है लेकिन निर्माण कब से शुरू होगा इसकी तारीख फिलहाल तय नहीं है। रामलला के मुख्य पुजारी का कहना है कि इस वक्त जहां रामलला विराजमान हैं, वह गर्भगृह है, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए उस जगह को खाली करना होगा। उन्होंने कहा कि, 'श्रद्धालु नजदीक से रामलला का दर्शन कर खुश होंगे और फाइबर के मंदिर में बाल्यरूप श्री राम अपने तीनों भाई लक्ष्मण, भरत व शत्रुघन सहित भक्तों को दर्शन देंगे।' उन्होंने बताया कि, 'श्रद्धालुओं को पहले लोहे के बैरिकेड से होकर रामलला के दरबार तक पहुंचना पड़ता था। अब उन्हें सीधे रामलला का दर्शन होगा। जब तक रामलला का मंदिर नहीं बनता तब तक रामलला को फाइबर के अस्थाई मंदिर में ही राग भोग, सेवा, पूजा अर्चना और दर्शन चलती रहेगी।' ये भी पढ़े... विश्व प्रसिद्द गाेविंद भाेग चावल से बनेगा रामलला का भाेग, प्रतिदिन 5 हजार भक्त भी ग्रहण करेंगे प्रसाद पाकिस्तान को रास नहीं आया अयोध्या का फैसला, कहा- अब कश्मीर की आग और भड़केगी ये हैं वो 5 कारण जिसकी वजह से अयोध्या केस में खारिज हुआ मुस्लिम पक्ष का दावा! Read the full article













