पर्यावरण दिवस पर विशेष: मोबाइल टॉवर बने गौरैयों के लिए काल
पर्यावरण दिवस पर विशेष: मोबाइल टॉवर बने गौरैयों के लिए काल
यह दुःखद सूचना देते समय मेरी आँखें आँसुओं से नम हों गईं हैं कि अभी कुछ दिनों पूर्व मेरे आवास के ठीक पीछे मेरे एक पैसों के लोभी पड़ोसी ने अपनी छत पर मोबाइल टॉवर लगवा दिया है, जिसके तीव्र रेडिएशन से मेरे घर में लगाए गये गौरैयों के सैकड़ों घोसलों के बहुत से बच्चे अकाल कलवित हो गये, मर गये हैं! आज 12 वाँ बच्चा अपना दम तोड़ दिया है! मैं पिछले 20 वर्षों से गौरैया संरक्षण के कार्य में अपना जीवन समर्पित…
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