बंगाल में डॉक्टरों के समर्थन में उतरे देशभर के डॉक्टर, हड़ताल के कारण परेशान हो रहे मरीज
चैतन्य भारत न्यूज पश्चिम बंगाल के कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों पर हुए हमले से देशभर के सभी डॉक्टर गुस्से में हैं। राजधानी दिल्ली समेत बाकि राज्यों में भी आज डॉक्टर हड़ताल पर हैं। सभी ने शुक्रवार को काम करने से मना कर दिया है। अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से मरीजों का बुरा हाल हो रहा है। बता दें नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद से ही सभी डॉक्टर्स गुस्से में हैं। देशभर के सभी सरकारी और निजी डॉक्टरों से शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। यह हड़ताल दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) बुलाई है। मुंबई, पंजाब, केरल, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश में भी डॉक्टरों ने काम करने से इनकार कर दिया है। हड़ताल का असर एम्स जैसे बड़े अस्पतालों में भी देखने को मिलेगा। मुंबई में भी डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है। मुंबई के डॉक्टरों ने कहा कि, वे लोग साइलेंट प्रोटेस्ट करेंगे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के एम्स अस्पताल के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई। एम्स आए मरीजों से किसी और अस्पताल में जाने को कहा जा रहा है। Delhi: Patients face difficulties as Resident Doctors Association (RDA) of AIIMS is on strike today over violence against doctors in West Bengal. Relative of a patient says, "My mother's dialysis was scheduled for today, we were told to go & get it done from somewhere else," pic.twitter.com/sFVF6D8VMj — ANI (@ANI) June 14, 2019 फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने 15 जून को भी देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के दौरान सभी ओपीडी बंद रहेंगे। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। इस हड़ताल को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसपर आज सुनवाई होनी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चार घंटे में हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम दिया था बावजूद इसके डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने तो ममता पर धमकी देने का आरोप तक लगा दिया। इसके बाद ममता ने डॉक्टरों से मरीजों की देखभाल करने का निवेदन किया। Prashant Choudhary, President MARD, Sion Hospital, Mumbai: A mob assaulted doctors on duty at a hospital in West Bengal, when a targeted attack like this happens it becomes a law and order issue. Today, we are doing a silent protest over the incident. pic.twitter.com/qSOJ79ooc3 — ANI (@ANI) June 14, 2019 इस हड़ताल को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार सभी हड़ताल करने वाले जूनियर डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। बंगाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष निर्मल माजी ने कहा कि, यदि हड़ताल करने वाले डॉक्टर काम पर नहीं लौटे तो उनका पंजीयन रद्द हो सकता है और उनका इंटर्नशिप पूरा होने का पत्र रोक दिया जाएगा।
यह है मामला दरअसल, 10 जून को शाम करीब साढ़े पांच बजे नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए परिजन वहां मौजूद डॉक्टरों को गालियां दी और मारपीट भी की। डॉक्टरों ने कहा कि, 'जब तक परिजन हमसे माफी नहीं मांगते हम प्रमाण पत्र नहीं देंगे।' इसके कुछ ही देर बाद भीड़ हथियारों के साथ हॉस्टल पहुंच गई और हमला करना शुरू कर दिया। इस हिंसा में दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए और कई डॉक्टरों को चोट भी आई। घटना के बाद ममता ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की जिसके बाद यह मामला बढ़ता चला गया। अब तक कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। Read the full article











