शनि अमावस्या पर करें इन मंत्रो का जाप, शनिदेव दूर कर देंगे सभी कष्ट और होगी सुख-समृद्धि की प्राप्ती
चैतन्य भारत न्यूज आज शनि अमावस्या है। शनिवार को आने वाली अमावस्या को शनि या शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन सूर्य पुत्र शनिदेव की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए शनिदेव से प्रार्थना करते हैं। शनिदेव की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ती तो होती ही है और साथ ही कर्मक्षेत्र में भी सफलता मिलती है। शनैश्चरी अमावस्या पर इस तरह करें भगवान शनि की पूजा- पूजा विधि सुबह स्नान करने के पश्चात् आप शनि देव के मंदिर जाएं। वहां आप शनिदेव की पूजा करें। ध्यान रहे शनि देव को हमेशा सरसों के तेल का दीया ही लगाना चाहिए। भगवान शनि को नीले रंग के फूल अर्पित करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। पूजा के बाद करें इन चीजों का दान- शनि अमावस्या के दिन काली उड़द, काले जूते, काले वस्त्र या फिर काली सरसों दान करें। 800 ग्राम तिल तथा 800 ग्राम सरसों का तेल दान करें। काले कपड़े, नीलम का दान करें। आप चाहे तो बजरंगबली को चोला भी चढ़ा सकते हैं। साथ ही हनुमान चालीसा पाठ का अधिक से अधिक दान करें। काले कपड़े में सवा किलोग्राम काला तिल भर कर दान करें। पीपल के वृक्ष पर सात प्रकार के अनाज चढ़ाकर बांट दें। शनिदेव की पूजा करते समय करें इन मंत्रों का जाप- सूर्य पुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिव प्रिय:। मंदाचाराह प्रसन्नात्मा पीड़ां दहतु में शनि:।। ॐ शं शनैश्चराय नमः ॐ प्रां प्रीं प्रौ सं शनैश्चराय नमः ॐ नमो भगवते शनैश्चराय सूर्यपुत्राय नमः ये भी पढ़े... धन लाभ के लिए लाभदायक है मई महीना, यहां है इस महीने के तीज-त्योहारों की पूरी जानकारी Read the full article










