‼️ नास्ति विद्या समं चक्षुः।
📍 भावार्थ: विद्या से बड़ा कोई दूसरा नेत्र (ज्ञान) नहीं है।
📍 अर्थात: विद्या, या ज्ञान, सबसे ऊँचा दृष्टिकोण है। जब इंसान ज्ञान से समृद्ध होता है, तो वह जीवन के हर पहलू को सही दृष्टिकोण से समझता है। यह दृष्टिकोण उसे सही निर्णय लेने, समस्याओं को समझने और जीवन को एक नई दिशा देने में मदद करता है। जैसे हम आँखों से भौतिक संसार देखते हैं, वैसे ही विद्या से हम आत्मिक और मानसिक संसार को समझते हैं। इसलिए ज्ञान को सबसे बड़ा आशीर्वाद माना जाता है।
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