बाबा बाबा कहते हैं
बाबा बाबा कहते हैं खुद,वीआईपी बन रहते हैं।बाबा गर अच्छा होता तो, चलते उसके कदमों पर। छोड़ के माया मोह जगत का, पिंड अपना खुद अर्पण कर।छोड़ के घर छूटा करता तो, स्मृति-रोगी बाबे होते। भांग-नशे में डूबे रहकर, भंगड़ भी पूजित होते।माना बुरा पकड़ना है पर, छोड़ना भी तो बात बुरी। क्यों न निकट में रहकर भी हम, सबसे रखें उचित दूरी। दोनों का संतुलित मिश्रण ही, असली दुनिया असली त्याग। दोनों से दोनों मिल जाते,…











