अब कहाँ क्रिकेट में वो बात होगी? खैर तुम नही तो तुम्हारी याद होगी। अब मैच भी आखरी ओवर तक नही जाएगा, युवा खिलाड़ियों में कहाँ इतनी धीरज होगी। अब विकेट के पीछे से आवाज़ भी नही होगी, क्योंकि जरसी नम्बर 7 की सलाह नही होगी। बस यूं ही अलविदा कह के चल पड़े, इस फैसले में भी कुछ वजह तो होगी। कितने आये और कितने गये, पर तुम्हारे जैसी बात किसमें होगी। बचपन तो गुज़र गया, ज़वानी कैसे बीतेगी? धोनी बस एक ही रहेगा, न भूतो न भविष्यति। Thank you Mahi for the memories. 💛












