बेगुसराय : 8 मार्च 2022 को बरौनी रिफाइनरी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें महिला कर्मियों के योगदान और समर्पण के भावना की सराहना की गई ।आर. के. झा, कार्यपालक निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख ने सत्य प्रकाश, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी),ए.के.तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना),तरुण कुमार बिसई, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), जी.आर. के मूर्ति, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), विशिष्ट अतिथि बन्दना, डीएसपी, बीएसएपी-8, बरौनी रिफ़ाइनरी, बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल और बॉटलिंग प्लांट के महाप्रबंधकगण, ए.के.सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, बीटीएमयू, प्रवीण कुमार, सीईसी, आईओओए तथा विप्स समन्वयक, मीनाक्षी ठाकुर और आर के सिंह, समादेष्टा, सीआईएसएफ़, बरौनी इकाई की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया । मुकेश मिश्रा, उप महाप्रबंधक(मानव संसाधन) ने अपने स्वागत सम्बोधन में आज के परिदृश्य में नारी सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। विप्स की ओर से, मीनाक्षी ठाकुर, वरिष्ठ प्रबन्धक (कर्मचारी संबंध) ने रिफाइनरी प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रबंधन महिलाओं की रिफाइनरी में बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी प्रावधानों पर काफी काम कर रही है। इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार, सीईसी,आईओओए ने देश के विकास और उन्नति में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। ए.के. सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, बीटीएमयू,ने अपनी बात रखते हुए महिला दिवस के ऐतिहासिक और वर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर, बरौनी रिफ़ाइनरी की महिला पत्रिका, अजा – प्रेरणा के विशेष अंक का विमोचन किया गया।बरौनी रिफाइनरी, इंडियन ऑयल के विपणन कार्यालय, बॉटलिंग प्लांट और सीआईएसएफ इकाई की महिला कर्मचारियों के लिए संवाद का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने अपनी चिंताओं एवं अपने अनुभवों को साझा किया।
सभा को संबोधित करते हुए, बन्दना ने बल दिया कि समाज प्रचलित लैंगिक असमानता को मिटाने के लिए महिलाओं को कदम उठाने की जरूरत है।हमें माँ, बेटी, पत्नी, बहू, और कर्मचारी के रूप में मौजूदा मानकों को ऊपर उठाने के लिए अपनी सोच प्रक्रिया को बदलने की जरूरत है।उन्होंने यह भी कहा कि समाज की शक्तिशाली महिलाऐं होने के नाते हमें उन स्थानों पर नज़र डालने की जरूरत है जहॉं असमानता उच्च है और उसको कम करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की जरूरत है।आर के झा ने अपने संबोधन में समाज में महिलाओं के अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा “संरक्षण नव परिवर्तन,लगाव और विश्वास मुख्य मूल्य हैं जिसे इंडियन ऑयल ने अपने कारोबारी परिचालनों में अपनाया है, ये महिलाओं के नैसर्गिक गुण हैं। इंडियन ऑयल महिलाओं को बेहतर कार्यस्थल, समान अवसर और अपनी प्रतिभा और मेहनत से आगे बढ़ने के अमूल्य अवसर प्रदान करता है। इंडियनऑयल में वरिष्ठ पदों पर भी कई महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर कॉर्पोरेशन के विकास में योगदान दे रही है। हाल ही में सुश्री शुक्ला मिस्त्री,इंडियन ऑयल की पहली महिला निदेशक बनी जो कॉर्पोरेशन में महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा परिचायक है।“ इसके साथ ही उन्होने यह भी कहा कि बरौनी रिफ़ाइनरी में भी महिला कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को सुविधापूर्ण और सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही बेगूसराय में गरीब परिवार की लड़कियों के लिए विभिन्न छात्रवित्ति योजनाओं के माध्यम से उन्हे सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने अहवाहन किया कि आइए हम सब मिलकर बेगूसराय की महिलाओं और बेटियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक कदम उठाएँ।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बरौनी रिफ़ाइनरी की महिला कर्मचारियों ने मिल कर डॉ प्रज्ञा, महिला रोग विशेषज्ञ के सहयोग से टाउनशिप में कार्यरत महिला ठेका श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जिससे 50 से अधिक महिला श्रमिक लाभान्वित हुई। इसके पश्चात महिला कर्मचारियों के लिए “आत्म सुरक्षा से आत्मानिर्भरता” पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मास्टर नंदू, ने महिलाओं को आत्म-बचाव पर तायक्वोंडो के माध्यम से प्रशिक्षित किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया। कल्याण केन्द्र में फूलना रजक, सचिव और बेबी कुमारी के नेतृत्व में टाउनशिप की महिलाओं के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिलाओं के स्वास्थ को बेहतर करने के लिए विभिन्न तथ्यों तथा उपायों के बारे में बताया गया । इस कार्यशाला से 250 से अधिक महिलाऐं लाभान्वित हुई ।
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