कालरात्रि योग में करवाएं कामाख्या में तंत्र और बदलें अपनी सोई हुई किस्मत आज हम आपको कालरात्रि नवरात्री में किये जाने वाले विशेष तंत्र, क्रिया और उससे जुड़े कुछ जानकारी आपसे शेयर करने जारहे हैं। माँ दुर्गा के 9 रूपों में सातवे स्वरुप का नाम माँ कालरात्रि है, कालरात्रि माँ दुर्गा का वो अवतार है जिसे उन्होंने पापियों और राक्षसों के नाश के लिए धारण किया था। माँ दुर्गा के सभी अवतारों में माँ कालरात्रि का सबसे भयंकर व् अपने बच्चो,भक्त, सृष्टि को बचाने के लिए सबसे विकराल रूप धारण किया था । इनका स्वरुप रात के अँधेरे की तरह काला व् मुँह से आग निकलती है इसीलिए इनका नाम माँ कालरात्रि है । कालरात्रि दुर्गा सप्तमी के दिन किये जाने वाले तंत्र का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कालरात्रि की रात को किया गया तंत्र कभी खाली नहीं जाता है और यही वजह है की इस दिन के लिए लोग साल भर इंतज़ार करते हैं। माँ काली व् माँ दुर्गा के भक्तो को अगर कोई भी समस्या हो तो वो इसदिन तंत्र करवा मन चाहा वरदान प्राप्त करते हैं क्युकी माँ खुद इस विशेष योग में अपने भक्तो के सुनवाई के लिए आती है और यही वजह है की इसदिन किआ हुआ तंत्र शायद ही कभी खाली गया हो तंत्र साधना में इसदिन बलि देकर ही कोई भी उपाय किया जाता है और कहा जाता है बलि देकर तंत्र प्रारम्भ करने की प्रथा भी यही से है और ऐसा कर किसी भी तंत्र का प्रयोग अपने समन्वय से शास्त्र अनुसार सिर्फ कामाख्या में ही पूर्ण होता है क्युकी कामाख्या को सृष्टि में तंत्र का केंद्र माना गया है। इस विशेष मुहूर्त में पहले सात्विक कर्मकांड द्वारा देवी कामाख्या मंदिर परिसर में होगी फिर रात को कालरात्रि मुहूर्त के वक़्त तांत्रिक प्रयोग उमानंद भैरव मंदिर परिसर में तांत्रिक आयुष जी, मायोंग से आये विशेष अघोरी महाराज जन, व् असम के कई बड़े तांत्रिक करेंगे तंत्र में किसी को शामिल होने के नहीं होती इजाज़त - तांत्रिक शास्त्र में ये एक गोपनीय तंत्र होते हैं जिसे कहा जाता है किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं दिखाया जाता । (at Kamakhya Temple) https://www.instagram.com/p/B3K04-ilniv/?igshid=12pfdy72gelfr












