मां बनना हरएक महिला का सपना होता हैं, जब मां बच्चे को जन्म देती हैं उस दफा मां का भी दूसरा जन्म होता हैं। वो पल मांके लिए बेहद सुखद होता हैं जब वो पहली बार अपने बच्चे को प्यार भरे मासूम से मुखड़े को देखती हैं, तब वह अपने गुज़रे हुए हर दर्द को दरकिनार कर देती हैं, बस तभी से मां का सफर शुरू हो जाता हैं। मां व बच्चे के इस रिश्ते में डांट, प्यार, दया, स्नेह, बहस से भरा एक अटूट रिश्ता हैं, जिसमें अपनी खुशियों की परवाह से ज्यादा अपने बच्चों के खुशियों कि परवाह करती हैं। मां पहली प्राथमिकता बच्चो की जरूरतें, भावनाए, खान-पान, परिवार का ख्याल को देती हैं। यह एक ऐसा जॉब हैं जहां पेमेंट तो नहीं हैं, पर खुशियों से भरा त्याग हैं,जिसे हरएक मां को करने में दिल से तस्सली मिलती हैं।