#गुरु_बिन_मोक्ष_नहीं_रे_प्राणी
Sant Rampal Ji Bodh Diwas संत रामपाल जी महाराज जी मोक्ष की राह दिखा रहे हैं। समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से खत्म कर रहे हैं। ऐसे परम संत का 17 फरवरी को बोध दिवस (आध्यात्मिक जन्म दिवस) है।
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@ravinderbhan
#गुरु_बिन_मोक्ष_नहीं_रे_प्राणी
Sant Rampal Ji Bodh Diwas संत रामपाल जी महाराज जी मोक्ष की राह दिखा रहे हैं। समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से खत्म कर रहे हैं। ऐसे परम संत का 17 फरवरी को बोध दिवस (आध्यात्मिक जन्म दिवस) है।
संत रामपाल जी महाराज जी मोक्ष की राह दिखा रहे हैं। समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से खत्म कर रहे हैं। ऐसे परम संत का 17 फरवरी को बोध दिवस (आध्यात्मिक जन्म दिवस) है।
गुरु बिन मोक्ष नहीं
कबीर, राम कृष्ण बड़े तिन्हूं पुर राजा। तिन गुरु बन्द कीन्ह निज काजा ।।
कबीर साहिब व सर्व संत यही कहते हैं कि झूठे गुरु को तुरंत त्याग दे।
प्रमाण के लिए कबीर पंथी शब्दावली पृष्ठ नं. 263 से सहाभार --झूठे गुरु के पक्ष को, तजत न कीजै बार। राह न पावै शब्द का, भटकै द्वारहिं द्वार।।
वर्तमान में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
कबीर परमेश्वर जी हमें समझाना चाहते हैं कि आप जी श्री राम तथा श्री कृष्ण जी से तो किसी को बड़ा अर्थात् समर्थ नहीं मानते हो। वे तीन लोक के मालिक थे, उन्होंने भी गुरू बनाकर अपनी भक्ति की, मानव जीवन सार्थक किया।
वर्तमान में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
कबीर, गुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझै न सार रहे अज्ञानी।।
इसलिए गुरु जी से वेद शास्त्रों का ज्ञान पढ़ना चाहिए जिससे सत्य भक्ति की शास्त्रानुकूल साधना करके मानव जीवन धन्य हो जाए।
वर्तमान में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
संत रामपाल जी महाराज जगत के तारणहार हैं उन्होंने मानव समाज को यथार्थ सत्य ज्ञान एवं सत भक्ति से परिचित करवाया है। और मानव समाज को प्रत्येक बुराई से अवगत कराकर स्वच्छ समाज का निर्माण करवाया है। 17 फरवरी को उनका बोध दिवस है।
संत रामपाल जी महाराज जी एक ऐसे महान संत हैं जिनका यथार्थ तत्वज्ञान इतना प्रबल है कि इसके समक्ष अन्य संतों व ऋषियों का ज्ञान टिक नहीं पाएगा। जैसे तोप का गोला जहां भी गिरता है वहां पर मैदान साफ कर देता है। 17 फरवरी को उनका बोध दिवस है।
संत रामपाल जी महाराज जगत के तारणहार हैं उन्होंने मानव समाज को यथार्थ सत्य ज्ञान एवं सत भक्ति से परिचित करवाया है। और मानव समाज को प्रत्येक बुराई से अवगत कराकर स्वच्छ समाज का निर्माण करवाया है।
17 फरवरी को उनका
बोधदिवस है।
संत रामपाल जी महाराज जगत के तारणहार हैं उन्होंने मानव समाज को यथार्थ सत्य ज्ञान एवं सत भक्ति से परिचित करवाया है। और मानव समाज को प्रत्येक बुराई से अवगत कराकर स्वच्छ समाज का निर्माण करवाया है।
17 फरवरी को उनका
बोधदिवस है।
मानव इतिहास के महानतम समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज जी ने ही समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, रिश्वतखोरी, नशा, मांस भक्षण आदि को पूर्ण रूप से समाप्त करने का सफलतम प्रयास किया है। 17 फरवरी को उनका बोध दिवस है।
संत रामपाल जी महाराज एकमात्र संत हैं जिन्होंने शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया, बताया कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी की भक्ति करने से घोर से घोर पाप का भी नाश हो जाता है और मोक्ष भी प्राप्त होता है। ऐसे परम संत का 17 फरवरी को बोध दिवस है।
निमंत्रण सारे संसार को सम्मान के साथ
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया। 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी 11 आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
निमंत्रण सारे संसार को सम्मान के साथ
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया। 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी 11 आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
जब पृथ्वी पर पापीयों का एक छत्र साम्राज्य हो जाता है। तब भगवान पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। वर्तमान में परमात्मा संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में अवतरित हुए हैं। जिनका 17 फरवरी को बोध दिवस है।
इसी उपलक्ष्य में 11 सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सामूहिक दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर, निःशुल्क नामदीक्षा तथा अखंड पाठ का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन स्थलः
सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा)
सच्चे समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 11 सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी महाराज की अमरवाणी का अखंड पाठ, शुद्ध देशी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम चल रहे हैं। आप सभी सहपरिवार आमंत्रित हैं।
परम संत रामपाल जी महाराज बोध दिवश के उपलक्ष्य में 11 सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है,
जिसमें पूरा विश्व आदर के साथ आमंत्रित है।