#JUDGMENT #HINDI_POETRY #diledastan Never judge someone without knowing the whole story. You may think you understand but you don't.. Don't forget to Like, Share and Subscribe to this channel Script Writer: Sarita Bhandari Artists: Rachna Bawta Perform at Dil E Dastan bit.ly/diledastan Social Platforms: https://twitter.com/diledastan https://ift.tt/30pNQUz https://ift.tt/2Kq6k2i If you are interested in Performing Poetry/Storytelling/Motivation Poem Contact us at- 7703837245. -------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------- DON’T TOO BE HASTY TO JUDGE…. YOU MAKE JUDGEMENT ON PEOPLE…. OTHERS ARE JUDGEMENT YOU TOO….. क्या आप लोग जानते है? हमारी SOCIETY मैं रहने वाले लोग हमे हमसे ज्यादा जानते है| और पता है, हमारे खुद के PARENTS हमें इतना DEFINE नहीं कर पाते, उससे ज्यादा तो हमारी SOCIETY मैं रहने वाले लोग हमें DEFINE कर देते है| माना ये लड़के और हम लड़कियाँ कैसे भी कपड़े पहन लेते है, कैसे भी बनके बाहर निकल जाते है, चाहे वो NIGHTOUT हो या फिर FAMILY FUNCTION हो? और आज कल तो सुनने मैं आ रहा है, की लडकियों से ज्यादा लडको को जज किया जाता है? या तो वो उनके कपड़ो के लिए हो, या फिर उनके चेहरे की BEARD पे हो? आप सभी को तो पता ही होगा आज कल लड़को की BEARD कितनी TRENDING पे चल रही है? SOCIETY तो जज करती ही है, पर लड़किया भी कम नही है, वो भी लड़को को PROPER जज करती है? उनके LOOKS और PERSONALITY दोनों पर जज किया जाता है? आज कल लड़कियों को या तो BEARD वाला लड़का चाहिए, या तो BODY BUILDER जिसके 6PACKS हो HOT हो CHARMING हो, बेशक लडको को लड़की कैसे भी चलेगी, पर लडकियों को तो लड़के बिलकुल PERFECT चाहिये| अब देख्यिए कैसे लड़की लड़को को जज करती है? उनके REACTIONS देख्यिये:- “यार! इसके कपड़े तो देख एक दम LOW CLASS के मेरे HIGH STANDARD से तो MATCH भी नही हो रहे? और इसको देख इसकी तो BEARD भी नही है, PARMISH VERMA की जैसे, देख ना पूरा चिकना लग रहा है?” ये तो बात हुई लडकियों के JUDGEMENT की| और अब हमारी SOCIETY कैसे जज करती है? उनके REACTION देख्यिए:- “अरे ये लड़के किसी काम के नही है, कैसे हवाबाजी करते है? कैसे BIKE से STUNT करते है? बस इनसे लड़कियाँ घूम वालो, नशा करवालो? आज कल भी क्या ज़माना आ गया है, मुफ्त का पैसा है ना माँ-बाप का इसलिए उड़ा रहे है?” तो देखा आपने लड़कियों को ही नही, यहाँ तो लड़को को भी नही छोड़ा जाता? तो आखिर क्यों हम ऐसी सोच रखने वाले घटिया समाज मैं जी रहे है? ये तो बात रही लड़को की, और अब ये जानिए लड़कियों के लिए ऐसी सोच रखने वाला समाज क्या कहता है? एक लड़की के कपड़ो और उसके LOOKS पर सबकी कोई ना कोई व्यक्तिगत राय होती है, उसकी स्कर्ट की लंबाई से, उसके जीन्स की गहराई तक, उसके ऊँची एड़ी के जूते से लेकर उसके LIPSTICK के रंग तक, बस जज करना आता है| चलिए आज कल के समाज मैं छोटी सोच रखने वाले लोगो के REACTIONS बताते है:- “यार! इसके घर वालो ने कुछ सिखाया नही इसे, कैसे कपड़े पहने है? गुटने से ऊपर तो इसके कपड़े है? और तो और बाजू देख रहे हो आधे है ही नही? कम से कम पुरे कपड़े तो पहन लेती? शर्म लिहाज तो भूल ही गयी है आज कल की लड़कियाँ? ऐसे कपड़े कोई पहनता है भला? और! ये देखो कैसे इतनी DARK LIPSTICK लगा रखी है? अरे! हमारे ज़माने मैं तो लड़कियाँ सूट सलवार मैं होती थी? और अपने आप को पूरा कवर करके रखती थी? पर आज कल तो क्या ज़माना आ गया है लड़कियाँ तो जैसे अपने समाज के CULTURE और सभ्यता को जैसे भूल ही गयी है?” लोग कैसे इतनी जल्दी लड़की के जूते, मेकअप, उनके कपडे, उनके चलने का तरीका, यहाँ तक की उनके खाने पिने से लेके उनके बेठने के तरीके को भी कितनी जल्दी जज कर लेते है| और ये तो कुछ भी नही है, लोग तो यहाँ तक लड़कियों से पूछ लेते है की “तुमने आज काला पहना है। कोई मर गया है क्या ?” “ये लाल कलर के कपड़े क्यों पहने है तुम्हारी शादी हो गयी क्या?” अरे! आज पिला क्यों पहना है, लगता है FAST है तुम्हारा?” अब ये सब सुनने मैं आपको क्या लगता है? की लोग कैसे इतनी DEEPLY हम लोगो के बारे मैं इतना सोच लेते है, कैसे लोग हमारे लिए अपने दिलो दिमाग मैं गलत छवि बना लेते है? आखिर क्यों?....... किसी के भी LOOKS और उसकी PERSONALITY पर हमें जज नही करना चाहिये? चाहे वो JUDGEMENT लड़को के लिए हो या फिर लड़कियों के लिए? वैसे भी आज के इस समाज मैं तो ये कहा जाता है, की लड़का और लड़की दोनों को SAME EQUALITY दी जाती है? और उन्हें अपने RIGHTS अपने FREDOM को जीने का पूरा हक है| तो फिर लड़के और लड़कियों के LOOKS और उनके PERSONALITY पर जज करने का हक इस समाज को किसने दिया? उनकी PERSONAL LIFESTYLE को जज करने का और उसमे दखलंअदाजी देने का हक किसने दिया? तो PLEASE हमे जज करना बंद करे? हर वक़्त, हर समय आप लोग ही सही नही हो सकते? हम खुद भी सही हो सकते है? “SO BE BOLD THE CHANGE YOUR THINKING” BECAUSE “THINKING IS DIFFICULT THAT’S WHY MOST PEOPLE JUDGE” “SO DON’T JUDGE PEOPLE BY THEIR LOOKS AND BY THEIR PERSONALITY”