मेरे खयालों की रानी तू मेरे सामने है फिर भी चुप हूं चुप हूं क्यूंकि मन में डर है तुझसे बिछड़ जाने का तुझे खो देने का सोच कर भी रूह कांप जाती है तेरे बिना खुद की तस्वीर कभी ना देखू बस यही दुआ दिन रात राम राम जा नाम japwati है श्री कृष्ण की असीम कृपा रहे हमारे परिवार पे ज़िन्दगी चलती रहे बिना किसी शिकवे गिला के मज़बूरी है तुम्हे चाहना तेरे बिना खुद को अधूरा जो पाता हूं मंज़िल तू ही तो थी मेरी अब बस तेरे संग सुकून के दो पल गुजारना चाहता हूं सपने अब उतने हसीन नहीं क्यूंकि दिन रात तुझे अपनी आंखों के सामने जो पाता हूं तू तकदीर है मेरी मैं बस तुझसे मोहब्बत करना चाहता हूं तेरे इश्क़ में तेरे खयालों म अपनी तन्हाईयां लुटाना चाहता हूं हर हाल म तेरा होके रहूंगा मैं तेरे प्यार में खुद को खोक रहूंगा ऐतबार कर मेरा धोखा देना मेरी फितरत में नहीं प्यार करता हूं तुमसे कोई सौदा नहीं आजा मेरी सनम बाहों में बाहों म भरलूं तुम्हे करलून सैर आसमान की तेरी गौरी गौरी बाहों में तेरी मधिश करती निग़ाहों में इन कातिल अदाओं में











