दीवाने हम
कशिश है गजब सी , मोहब्बत है नजम सी खूबसूरती पर अपनी उनको जरा गुरुर नहीं गुजरे जमाने चाहते , उतरा जरा सुरूर नहीं हमसफर शराब जैसी ,आशियां लगे मैखाने सा मुद्दत से झूम रहा हूं अदाओं पे दीवाने सा वो लैला ना सही पर हम मजनू से कम नहीं न शुमार हो इश्क ऐ फसाने में कोई गम नही दीवानगी से जवान इश्क वरना हम नही हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं
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