बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के घर से मिला हथियारों का जखीरा
चैतन्य भारत न्यूज
लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाहुलबी विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित घर से कई विदेशी-देसी असलहे व हजारों कारतूस बरामद किए हैं। गुरुवार को दिल्ली पुलिस और लखनऊ क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के बसंतकुंज में स्थित अब्बास के बंगले से इन हथियारों को बरामद किया है।
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छापेमारी में पुलिस टीम को अब्बास के घर से इटली की डबल बैरल बंदूक, स्लोवेनिया से मंगवाई गई सिंगल बैरल गन समेत कई विदेशी असलहे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब्बास के सभी हथियार लखनऊ ले आई है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि, महानगर कोतवाली में 12 अक्टूबर को अब्बास अंसारी के खिलाफ लखनऊ की महानगर कोतवाली में एक शस्त्र लाइसेंस पर पांच हथियार खरीदने पर एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद फर्जी तरीके से आर्म्स लाइसेंस को दिल्ली ट्रांसफर कराने का भी मुकदमा दर्ज हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ बीते कई महीनों से मुख्तार और उसके करीबियों के नाम से जारी शस्त्र लाइसेंसों की पड़ताल कर रही थी। इसी जांच में यह पता चला कि अब्बास के लखनऊ के पते पर बने लाइसेंस पर डबल बैरेल बंदूक खरीदी गई है। अब्बास के ठिकाने पर साढ़े चार हजार कारतूसों का जखीरा देख पुलिस दंग रह गई। नेशनल शूटर रहे अब्बास के घर में मिले हथियारों के बाद उनके ऊपर गिरफ्तार की तलवार लटक गई है।
कौन है अब्बास अंसारी?
कुछ संगीन इल्जामों से घिरे माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी है। अब्बास भले ही राजनीति में सक्रिय न हो, लेकिन वह शॉट गन शूटिंग के इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं। अब्बास दुनिया के टॉप-10 शूटरों की लिस्ट में अपना नाम भी दर्ज करवा चुके हैं। वह नेशनल चैंपियन भी रह चुके हैं। उन्होंने शूटिंग में दुनियाभर में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अब्बास को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी द्वारा घोसी सीट से टिकट भी दिया गया था, लेकिन वह चुनाव में हार गए।
कौन है मुख्तार अंसारी?
मुख्तार अंसारी 5 बार उत्तरप्रदेश के मऊ से विधायक रह चुके हैं। पिछले कई सालों से मुख्तार जेल में ही बंद है। मुख्तार पर मर्डर, किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन जैसे दर्जनों संगीन अपराध के आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार के खिलाफ 40 से भी ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार की दबंगई इस कदर है कि वह जेल में रहकर चुनाव तो जीतते ही थे और साथ ही वहीं से अपनी गैंग भी चलाते हैं।
मुख्तार पर साल 2005 में मऊ में हिंसा भड़काने का आरोप लगा है। इसके अलावा मुख्तार के खिलाफ जेल में रहते हुए बीजेपी नेता कृष्णानंद राय और उनके 7 साथियों की हत्या का इल्जाम भी लगा है।
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