केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने आज आगरा के सेंट जॉन्स चौराहे स्थित वैश्य बोर्डिंग हाउस में 15 दिवसीय मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी का आयोजन खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के तहत किया गया है। उद्घाटन समारोह में उन्होंने फीता काटा और दीप प्रज्ज्वलित किया।
अपने संबोधन में प्रो. बघेल ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित सभी वस्तुएं घरेलू उत्पाद हैं, जिन्हें कारीगरों ने अपने हाथों से तैयार किया है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध जातियों और परंपराओं में कारीगर अपनी विशिष्ट कला को जीवित रखे हुए हैं। उदाहरणस्वरूप, प्रजापति समाज पारंपरिक रूप से मिट्टी के कुल्हड़ और घड़े बनाने के लिए जाना जाता है, लेकिन आधुनिक समय में उन्होंने तवा, हांडी और सजावटी वस्तुएं भी बनानी शुरू कर दी हैं।
उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा विदेशी कपड़ों के बहिष्कार और खादी को स्वदेशी विकल्प के रूप में अपनाने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा, "गांधीजी ने खादी को घर-घर तक पहुंचाया था। आज खादी केवल पारंपरिक वस्त्र नहीं है, यह लिनेन के रूप में भी उपलब्ध है। सरकार इसे प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है।" उन्होंने खादी को देश की आत्मा बताते हुए कहा कि इसे संरक्षित और विकसित करने में सरकार के साथ नागरिकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे खादी उत्पाद खरीदकर इसे प्रोत्साहित करें।
विशेष आकर्षण और उत्पादों की विविधता
जिला परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी नीतू यादव ने बताया कि प्रदर्शनी में खादी वस्त्रों के साथ-साथ ग्रामोद्योग की वित्तपोषित इकाइयों के उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें शुद्ध मधुबन शहद, विभिन्न प्रकार के मुरब्बे, लकड़ी के हस्तशिल्प, टेराकोटा की मूर्तियां, जेल के कैदियों द्वारा निर्मित लैदर के जूते और सैंडल, बिजनौर का गुड़, जम्मू-कश्मीर के मेवे, घी, नमकीन, मोमबत्तियां और आर्टिफिशियल आभूषण शामिल हैं। कुल 75 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के व्यापारियों द्वारा खादी से बने कोट, हाफ जैकेट, साड़ी और बेडशीट जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड छोटे उद्यमियों को 15 से 35 प्रतिशत तक आसान ऋण उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य लघु उद्योगों और ग्रामीण कारीगरों के जीवन स्तर में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
प्रदर्शनी में मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया गया है। सर्वी इवेंट के प्रबंधक अंजुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 2 दिसंबर को फूलों की होली, 3 दिसंबर को ब्रज भाषा काव्य धारा, 4 दिसंबर को एक शाम देश के नाम, 5 दिसंबर को म्यूजिकल नाइट और 6 दिसंबर को लोक नृत्य उत्सव होगा। इसके अलावा 7 दिसंबर को जादूगर शो, 8 दिसंबर को संकल्प, 9 दिसंबर को कवि सम्मेलन, 10 दिसंबर को सांस्कृतिक संध्या, 11 दिसंबर को नारी शक्ति सम्मान, 12 दिसंबर को खादी फैशन शो, 13 दिसंबर को खाटू श्याम भजन संध्या, 14 दिसंबर को शास्त्रीय नृत्य और 15 दिसंबर को शिल्पी सम्मान समारोह आयोजित होगा।
प्रदर्शनी का उद्देश्य और अपील
प्रबंधक कुलश्रेष्ठ ने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनकी कला को पहचान दिलाना है। उन्होंने अधिक से अधिक नागरिकों से प्रदर्शनी में आकर सामान खरीदने की अपील की।
उद्घाटन समारोह में खादी ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारी, विभिन्न प्रदेशों से आए स्टॉल प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
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