सऊदी अरब ने 2025 में मौत की सजा का नया रिकॉर्ड तोड़ दिया है, और इस साल अब तक 340 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। यह रिकॉर्ड 2024 के आंकड़े 338 को भी पार कर गया। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि नाबालिग और विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। सऊदी अरब में ड्रग्स, हत्या और आतंकवाद के मामलों में यह संख्या सबसे अधिक है। कई मामलों में आरोपी से यातना द्वारा कबूलनामे लिए गए और ट्रायल में खामियां रही। विशेषज्ञों के अनुसार, यह न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता और मानवाधिकार की गंभीर अवहेलना को दर्शाता है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, चीन और ईरान के बाद सऊदी अरब लगातार तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है। 2025 के आंकड़े और भी भयावह स्थिति का संकेत दे रहे हैं। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चुनौती है कि वह मानवाधिकार और न्याय प्रणाली के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए। #saudiarabia #deathpenalty #humanrights #execution #minor #foreigncitizens #drugcrime #terrorism #justice #alqst #amnesty #humanrightsviolation #2025record #law #rights #international #executionrecord #punishment #rightsviolation #worldnews














