💫मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन ?
आज दरार है, कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ?
💫मैं चुप, तुम भी चुप, इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?
बात छोटी को लगा लोगे दिल से ,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?
💫दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर , सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?
न मैं राजी, न तुम राजी, फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन ?
💫डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ?
एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी ,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन ?
💫ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए ?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ?
💫मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें,
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ?
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💞पैर की मोच और छोटी सोच, हमें आगे बढ़ने नहीं देती।
💞टूटी कलम और औरो से जलन, खुद का भाग्य लिखने नहीं देती।
💞काम का आलस और पैसो का लालच, हमें महान बनने नहीं देता।
💞अपना मजहब उंचा और गैरो का ओछा, ये सोच हमें इन्सान बनने नहीं देती।
💞दुनिया में सब चीज मिल जाती है,केवल अपनी गलती नहीं मिलती.
💞भगवान से वरदान माँगा कि दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो, अचानक दोस्त कम हो गए.












