फसल लगाकर बंगाल से काम करने आए थे कश्मीर, आतंकियों ने की 5 मजदूरों की हत्या, बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू
चैतन्य भारत न्यूज कुलगाम. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से कई आतंकी हमले हुए, लेकिन मंगलवार को सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने इस बार गैर-कश्मीर मजदूरों को अपना निशाना बनाया है। मंगलवार को कुलगाम जिले में आतंकियों ने पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); ममता बनर्जी ने बताया दुख सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले थे। मजदूरों की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर दुख जताया और कहा, 'कश्मीर में नृशंस हत्याओं से हम स्तब्ध और दुखी हैं। मुर्शिदाबाद के पांच मजदूरों की जान चली गई। हमारे शब्द मृतक के परिवारों के दुःख को दूर नहीं करेंगे। इस दुखद घड़ी में परिवारवालों को सभी तरह की मदद दी जाएगी।' लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी भी आज मृतकों के गांव मुर्शिदाबाद जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने वाले हैं। बता दें मजदूरों के नाम कमालुद्दीन, मुरसालिम, रोफिक, नोमुद्दीन और रफीकुल और घायल मजदूर का नाम जोहिरुद्दीन बताया जा रहा है। We are shocked and deeply saddened at the brutal killings in Kashmir. Five workers from Murshidabad lost their lives. Words will not take away the grief of the families of the deceased. All help will be extended to the families in this tragic situation — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 29, 2019 फसल लगाकर मजदूरी करने कश्मीर आए थे जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 9 बजे दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के कात्रासू इलाके में आतंकियों ने इन मजदूरों को पहले किडनैप कर लिया और फिर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। ये सभी मजदूर अपने गांव में धान की फसल लगाकर मजदूरी करने कश्मीर चले गए थे। दरअसल, धान की फसल को पकने में करीब तीन महीने का समय लगता है। ऐसे में इन मजदूरों की योजना थी कि जब तक धान की फसल पकेगी तबतक ये कुछ मजदूरी कर लेंगे। हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाशी के लिए कई टीमें गठित की हैं। जगह-जगह पर आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल छापा मार रहे हैं। घटनास्थल के आस-पास से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा बलों को शक है कि आतंकी किसी स्थानीय निवासी के मकान में भी छिपे हुए हो सकते हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि, इस हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ है। अब तक 11 मजदूरों की जान गई गौरतलब है कि, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तानी आतंकी बौखलाए हुए हैं। वह लगातार गैर कश्मीरियों पर हमला कर रहे हैं। पिछले करीब 15 दिन में आतंकी ऐसे ही हमले कर अब तक 11 मजदूरों की जान ले चुके हैं। ये भी पढ़े... जम्मू कश्मीर : किश्तवाड़ जिला अस्पताल में फायरिंग, आरएसएस नेता समेत 2 की मौत जम्मू कश्मीर में ईडी की बड़ी कार्रवाईः आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों की 13 संपत्तियां जब्त जम्मू कश्मीरः पुलवामा में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों का किया एनकाउंटर Read the full article











