अयोध्या में 22 वर्षीय दलित युवती के साथ हुई निर्मम हत्या ने न केवल कानूनी व्यवस्था की विफलता को उजागर किया है, बल्कि यह समाज में व्याप्त असुरक्षा और अमानवीयता को भी खौ़फनाक तरीके से सामने लाया है।
परिजनों के अनुसार "युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, दोनों आंखें फूटी हुई थीं और पैर भी टूटे हुए थे।
सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और पूरे शरीर पर गहरे जख्म थे।
हाथ-पांव रस्सी से बंधे हुए थे।
ये घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए घोर शर्मनाक और अविश्वसनीय है।"
परिजनों ने आरोप लगाया है कि 30 तारीख की रात से युवती के लापता होने के बावजूद पुलिस ने मामले की गंभीरता को नज़रअंदाज़ किया और केवल खानापूर्ति करती रही।
यह न सिर्फ पुलिस प्रशासन की लापरवाही है, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता को भी दिखाता है।
#AyodhyaPolice इस जघन्य अपराध पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करें, साथ ही पुलिस प्रशासन की लापरवाही की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर उन्हें सबक सिखाए ताकि आने वाले समय में कोई भी अधिकारी ऐसी लापरवाही करने की जुर्रत भी ना कर सके।
#UPPolice





















