जब किसी ने मदद नहीं की, तब Sant Rampal Ji Maharaj बने किसानों का सहारा।
बाढ़ के समय जब किसानों के खेतों में पानी भर गया था और फसलें नष्ट होने की कगार पर थीं, तब Sant Rampal Ji Maharaj के मार्गदर्शन में किसानों के खेतों से पानी निकलवाने का कार्य किया गया। यह सहायता केवल शब्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर की गई वास्तविक सेवा थी।
किसानों का कहना है कि उस समय न तो किसी संस्था ने आगे आकर मदद की और न ही कोई ठोस सहारा मिला। ऐसे कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों ने किसानों के साथ खड़े होकर राहत कार्य किया। इसी सेवा भावना से प्रभावित होकर किसानों ने स्वयं मिलकर सम्मान समारोह आयोजित किया।
इस आयोजन में लगभग 300 गांवों के किसानों ने भाग लिया और स्पष्ट रूप से कहा कि यह सम्मान किसी दबाव या प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि अनुभव और विश्वास का परिणाम है। किसानों ने यह भी बताया कि लाखों लोगों के भोजन, पीने और बैठने की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की। संत जी से केवल नाममात्र सहयोग मांगा गया।
वीडियो में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों का भी खंडन किया गया है। किसानों और सरपंचों ने कहा कि वे संत रामपाल जी महाराज को असली हकदार मानते हैं, क्योंकि संकट के समय उन्होंने वास्तविक मदद की।
इसके साथ-साथ किसानों ने बताया कि संत जी के निर्देशों से गौशालाओं का संचालन, स्कूलों की मरम्मत और अन्य सामाजिक कार्य भी लगातार किए जा रहे हैं। इस पूरे प्रयास का उद्देश्य केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सत्य और मानवता को स्थापित करना है।
किसानों का मानना है कि यही सच्ची भक्ति और सच्चा धर्म है। वीडियो देखें, सच्चाई समझें और अपनी राय साझा करें।








