Hind Kesari Title : Baldwara, Himachal : Birju vs Benia
KushtiWrestling TV Baldwara , Village Dangal,
Himachal Pardesh, - By
in a kushtiwrestling match scheduled for 25 minutes, Pinning Benia Ameen of J&K in flat eight minutes was not easy. Infact people have opinion about Birju that he fights well for only first five minutes and goes defensive thereafter . on the contrary , It was not a ghost or superman who pinned Benia , it was the guts and power and courage of Birju who tried every wit and technique on Benia and eventually got success. People got excited, even the rivals went on for a praise , this is how the Dangal at the Baldwara ended with much excitement and hullaballoo.
बिरजू बने हिन्द केसरी। कुश्ती के पारखी शौकीनों की आम राय हैं की बिरजू पहलवान अगर पांच मिनट के अंदर चल गया तो ठीक नहीं तो कुश्ती फाइनल होने की कोई उम्मीद नहीं ! बलद्वारा , हिमाचल में बिरजू और बेनिया बीन के बीच हुई कुश्ती , इस धारणा के ठीक उलट सबूत पेश करती हैं। आठ या नौ मिनट चली इस कुश्ती में बिरजू ने बेनिया पर दो बार धोबी पछाड़ मारी , दो बार कलाजंग दांव इस्तेमाल किया , पट खींचे ,नीचे भी रहे , चोट भी खाई फिर इकहरी खींच कर बेनिया के नीचे से निकल सामने आये , और बैक कलाजंग से बेनिया को आसमान दिखा कर चित्त भी किया। तो क्या ये बिरजू नहीं कोई जिन्न था ? ऐसा कैसे कर दिखाया बिरजू ने ? पूरी तरह से फिट और सबको धो रहे बनिया की धुनाई हो गई ! ये गजब कैसे हुआ ? अब साहित्यिक रूप से तो इसका जवाब कबीर या तुलसी ही दे सकते हैं। सूर समर करनी करहिं कहि न जनावहिं आपु | बिद्यमान रन पाइ रिपु कायर कथहिं प्रतापु || अर्थात शूरवीर तो युद्ध में शूरवीरता का कार्य करते हैं ,कहकर अपने को नहीं जनाते |शत्रु को युद्ध में उपस्थित पा कर कायर ही अपने प्रताप की डींग मारा करते हैं | सो कुश्ती के इस महान शूरमा ने , अपना काम किया। कुश्ती के प्रेमियों , शौकीनों , पारखियों को साहित्य से क्या लेना ? इन्हे तो ये देखना हैं की किसने दंगल लूट लिया ? किसने जनता से तालियां पिटवा ली ? वाहवाही लूट ली ? जिधर जनता उधर कुश्ती के पारखी ? जनता खुश तो ये भी ! यही पारखी लोग ये भी तो कहते हैं की बिरजू हैं बड़ा कलाकार। कहीं से भी दांव मार देता हैं। लोगों ने देखा हैं। तभी तो वे पारखी बने है। अभी कुछ दिन पहले ही की बात हैं , खली ने बिरजू को नीचे लाके उसकी गर्दन पे घुटना रख दिया। बड़ी तकलीफ होती हैं , लेकिन ये तो बिरजू था , वहीँ से कलाजंग बनाई और खली चित्त। बलद्वारा के इसी दंगल में पिछली बार गौरव ऊना को चित कर चुके बिरजू ने इस सीजन की शुरुआत भी शानदार की और हिन्द केसरी का खिताब अपने नाम किया पहलवान को बहुत बहुत बधाइयां।
Thanks, Pahalwan ji
( Deepak Ansuia.Pradad. Bhardwaj)
नहीं जनावहिं आपु














