गरीबों के मसीहा Sant Rampal Ji Maharaj की अन्नपूर्णा मुहिम से बदली लाखो...
seen from China

seen from Türkiye
seen from China

seen from United States
seen from T1
seen from Algeria
seen from China

seen from Poland

seen from Canada
seen from Australia
seen from Germany
seen from Brazil
seen from France

seen from T1
seen from Singapore

seen from United States

seen from Germany
seen from Netherlands
seen from United States

seen from Singapore
गरीबों के मसीहा Sant Rampal Ji Maharaj की अन्नपूर्णा मुहिम से बदली लाखो...
यहां जानें क्यों मनाया जाता है संत रामपाल जी का भव्य अवतरण दिवस! SA News
अयोध्या भंडारे में कैसी रहती है रात्रि व्यवस्था राम भक्तों के लिए | SA NEWS
#रक्तदान
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में बोध दिवस व निर्वाण दिवस पर समाज के हित में किया रक्तदान।
🌐Must Visit: Sant Rampal Ji Maharaj on Youtube
Followers of Sant Rampal Ji
क्या कुछ खास है इस विशाल भंडारे में | Satlok Ashram Shamli | SA NEWS
🙏🌸जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज जी की जय 🌸🙏
Kabir is supreme God
600 साल पहले पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब काशी नगर मे आये थे ओर उनके 64 लाख शिष्य हुये थे उनमे से गुरूनानक देव जी को भी परमात्मा ने अपना ज्ञान समझा कर नाम दीक्षा दी थी ओर आज यदि सिख धर्म के प्रवर्तक गुरूनानक देवजी के बताये रास्तें को नही अपनाते वो अपना मानव जीवन व्यर्थ में गंवा रहे है क्योकीं ये मानव जीवन बहुत ही अनमोल है सिर्फ मानव शरीर मे ही परमात्मा को पा सकते है आदरणीय गुरुनानक देव जी ने गुरूग्रन्थ़ साहिब के राग "सिरी" महला 1 पृष्ठ नं 24 पर शब्द नं 29 बताया है कि-
एक सुआन दुई सुआनी नाल, भलके भौंकही सदा बिआल
कुड़ छुरा मुठा मुरदार, धाणक रूप रहा करतार।1।
मैं पति की पंदि न करनी की कार। उह बिगड़ै रुप रहा बिकराल । ।
तेरा एक नाम तारे ससांर, मैं ऐहो आस एहो आधार।
मुख निंदा आखा दिन रात, पर घर जोही नीच मनाति ।।
काम क्रोध तन वसह चडांल, धाणक रूप रहा करतार ।2।
फाही सुरत मलूकी वेस,उह ठगवाडा़ ठगी देस।।
खरा सिआणां बहुता भार, धाणक रूप रहा करतार ।3।
मैं कीता न जाता हरामखोर,उह किआं मुह देसा दुष्ट चोर।
नानक नीच कह बिचार, धाणक रूप रहा करतार ।4।
ऐसे ही गुरू ग्रन्थ साहेब, राग आसावरी महला 1 मे भी बता रहे है कि पूर्ण परमात्मा (करतार)कबीर साहब धाणक रूप मे आज से 600 साल पहले काशी नगर मे धाणक रूप मे रह कर गये है ओर वो ही आदरणीय नानकदेवजी के सतगुरूदेव व भगवान थे ओर कबीरसाहब ने उनकों गीताजी मे बताये "ओम तत् सत्" (जो कि सांकेतिक है) व पवित्र कुरान शरीफ में बताये "ऐन सीफ काफ" जो कि दोनो एक ही है पूरे मन्त्र जाप करने के लिए दिये ओर उन मन्त्रों का जाप करके आज वो स्वर्ग नरकसे भी ऊपर अपने निज धाम सतलोक मे विराजमान है ऐसे प्रमाण सभी धर्मो के सद्रग्रन्थों मे जेसे चारो वेदों, पुराणों, पवित्र गीता जी,पवित्र कुरान शरीफ व बाईबिल मे मौजूद है जो आज सन्त रामपालजी महाराज प्रोजेक्टर्स पर प्रमाण सहित दिखा रहे है तो हम सबको भी इस काल निरजंन के लोक से निकल कर सतलोक जाना है जहां जन्म मरण नही है बुढा़पा नही आता कोई कर्म नही करना पड़ता। इसलिए वर्तमान मे जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज से वो ही (गुरूनानकदेवजी वाले)मन्त्र लेकर पूरे नियम से जाप करेगा वो ही सतलोक जा सकेगा
विशाल भंडार (Bhandara Distribution) 03rd July 2022 (Saturday) By Askganesha.com
link - https://www.youtube.com/watch?v=obEra12WWIM