आप खुद स्विच ऑन और ऑफ कर सकेंगे अपने डेबिट, क्रेडिट और ATM कार्ड, साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम
चैतन्य भारत न्यूज नई दिल्ली. रोजाना हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने डेबिट, क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन को और सुरक्षित रखने के लिए नए नियम बनाए हैं। आरबीआई ने सभी बैंकों और कार्ड जारी करने वाली अन्य कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे डेबिट व क्रेडिट कार्ड को स्विच ऑन और ऑफ करने की सुविधा दें। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); खुद ब्लॉक कर सकते हैं अपना कार्ड आमतौर पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड के साथ फ्रॉड होने पर हम कार्ड ब्लॉक करने के लिए बैंक को फोन लगाते हैं, लेकिन अब आप खुद ही अपने क्रेडिट, डेबिट या एटीएम कार्ड को बंद और चालू कर सकेंगे। ऐसे मे आपको बैंक के कस्टमर केयर में कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जानकारी के मुताबिक, क्रेडिट या डेबिट कार्ड को बंद या चालू करने का विकल्प इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम मशीन या फिर मोबाइल एप के जरिए मिल सकता है। बता दें फिलहाल एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आरबीेएल बैंक अपने ग्राहकों को यह सुविधा दे रहे हैं। 16 मार्च से लागू होंगे नियम आरबीआई ने साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया है। आरबीआई ने यह भी निर्देश दिया है कि फिजिकल या वर्चुअल सभी कार्ड को इश्यू या री-इश्यू करने के समय इसे सिर्फ कांटैक्ट आधारित प्वाइंट ऑफ यूज (एटीएम और प्वाइंट ऑफ सेल) पर उपयोग होने के लिए इनेबल किया जाए।इसके अलावा ग्राहकों के पास ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करने की भी सुविधा होगी। जानकारी के मुताबिक, नए नियम 16 मार्च से लागू होंगे। ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करने की भी सुविधा ग्राहक जरुरत के हिसाब से यह भी खुद ही तय कर सकेंगे कि कब किस माध्यम से कार्ड की कितनी लिमिट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट चाहे जितनी हो, आप खुद यह तय कर सकेंगे कि लिमिट का कितना हिस्सा ऑनलाइन या फिर किसी अन्य माध्यम से लेनदेन में इस्तेमाल हो। तीन श्रेणियों में बांटा गया लेनदेन का तरीका आरबीआई ने कहा कि, कार्ड इश्यू करने वाली कंपनी या बैंक को अपने कार्ड होल्डर्स को कार्ड नॉट प्रजेंट यानी ऑनलाइन लेनदेन, कार्ड प्रजेंट यानी कार्ड को स्वाइप करके इस्तेमाल करना और कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन इनेबल यानी कार्ड स्वाइप किए बिना ही लेनदेन करना ये सभी सुविधा देनी चाहिए। कार्ड नॉट प्रजेंट के मामले में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को अनेबल और डिसेबल करने का विकल्प आपको मिलेगा। कार्ड प्रेजेंट के मामले में घरेलू लेनदेन तो एक्टिव रहेगा लेकिन अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को अनेबल और डिसेबल करने की सुविधा रहेगी। कॉन्टैक्टलेस में अनेबल और डिसेबल दोनों ही किया जाएगा। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। ये भी पढ़े... रिपोर्ट : 56% लोग बिना मोबाइल के नहीं करते जीवन की कल्पना, एक साल में 1800 घंटे फोन पर बिताते हैं भारतीय लोग आरबीआई ने दी आम आदमी को बड़ी सौगात, अब से NEFT और RTGS से पैसे ट्रांसफर करना हुआ मुफ्त RBI ने लॉन्च की मोबाइल ऐप मनी, इससे दृष्टिबाधित आसानी से कर सकेंगे नोटों की पहचान Read the full article














