अयोध्या दीपोत्सव में योगी कर सकते हैं बड़े ऐलान अयोध्याः राम मंदिर पर संतों के तीखे तेवर को देखते हुए पूरे देश की निगाहें मंगलवार को अयोध्या पर टिकी हुई हैं। राम मंदिर निर्माण पर चर्चा के लिए के लिए दो दिनों तक साधु-संतों की बैठक दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हो चुकी है। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि दिवाली पर खुशखबरी लेकर अयोध्या जा रहे हैं। आज वह दिन आ गया। राम मंदिर को लेकर उनके द्वारा की जाने वाली घोषणा को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर के बारे में कोई घोषणा हो सकती है। इस कड़ी में अयोध्या में सरयू के किनारे 151 मीटर ऊंची भगवान राम की तांबे की मूर्ति बनवाने की घोषणा योगी कर सकते हैं। अयोध्या में राम की पैड़ी पर 3.35 लाख दीये एक साथ रोशन होंगे। इन दीयों को जलाने में करीब 14000 लीटर तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। लगभग 7 सेंटीमीटर के व्यास वाले ये दीये एक बार तेल भर देने पर करीब 45 मिनट तक जलते रहेंगे। दीयों के लिए लगभग 5 लाख बातियां बनाई गई हैं। इस कार्यक्रम में लगभग 3.30 लाख दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इस दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी वहां मौजूद होगी। त्रेता युग में जैसे प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से उतरे थे, ठीक वैसे ही आज प्रभु श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण स्वरुप हेलिकॉप्टर से उतरेंगे। उत्तरप्रदेश और बिहार के राज्यपाल राम नाईक और लालजी टंडन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किमजोंग सुक इन स्वरूपों का स्वागत करेंगी। माना जा रहा है कि इस समारोह में योगी आदित्यनाथ कई बड़े ऐलान कर सकते हैं। इसके साथ ही वह कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी कर सकते हैं। सोमवार की देर शाम अयोध्या में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारियों ने ‘राम की पैड़ी’ पर लगे दीयों की गिनती शुरू कर दी। इस बार राज्य सरकार 3 लाख दीये जला कर विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी में है। इससे पहले 1.5 लाख दीये जलाने का रिकार्ड गिनीज बुक में दर्ज है। इस बार का आकर्षण वॉटर शो है। पिछली बार अयोध्या में लेज़र शो के माध्यम से रामकथा दर्शाई गई थी। इस बार वॉटर प्रोजेक्शन शो के माध्यम से इसे दिखाया जाएगा। इसके बाद इंडोनेशिया, रूस, टोबैगो, त्रिनिदाद, श्रीराम भारतीय कला केंद्र की टीमें रामलीला का मंचन करेंगी। भगवान राम की प्रतिमा 151 मीटर ऊंची होगी और इसके नीचे 50 मीटर का पेडेस्टल बनाया जाएगा। Desk Report by : Chandan Das














