हिंदू जागरण मंच ने की सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की मांग देवबंद। समान नागरिक संहिता गोष्ठी में हिंदू जागरण मंच ने देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान राष्ट्रीय कानून बनाए जाने की मांग की। वक्ताओ ने कहा कि देशवासी एक समान कानून न होने के चलते भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं। मजनूवाला रोड स्थित हिंजाम कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में एक समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग की गई। हिंजाम के प्रांतीय उपाध्यक्ष ठा. सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि एक समान नागरिक संहिता न होने के चलते महिलाओ में विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक कानून मानने को मजबूर होना पड़ता है। जबकि देश में अन्य माहिलाओ को कानून द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि एक समान कानून लागू होने से न्याय व्यवस्था और भेदभाव की भावना समाप्त होगी। अरविंद शर्मा ने कहा कि किसी भी देश में अलग-अलग धर्म और जातियों के लिए अलग-अलग कानून नहीं है। सब जगह सब नागरिकों पर उस राष्ट्र का कानून लागू होता है। जबकि भारत में अलग-अलग धर्मो के मानने वालो के लिए अलग-अलग कानून का प्रावधान होने से छूट पाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंेने कहा कि एक समान कानून होने से किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अरुण कुमार सिंघल ने कहा कि किसी भी वर्ग या किसी भी धर्म जाति के लोगों को एक समान कानून के तहत ही नियंत्रित किया जाना चाहिए। यदि एेसा नहीं हुआ तो समाज में असमानता की भावना पनपती रहेगी। गोष्ठी में सुरेशचंद त्यागी, दिनेश त्यागी, सुशील सैनी, किरणपाल, अनुज त्यागी, अनुज कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी की अध्यक्षता सियाराम त्यागी और संचालन राजबीर शर्मा ने किया। इस दौरान ठा. हीरा सिंह, संजय कुमार, रवि गुप्ता, मोहित गुज्जर, सहदेव, अमित धीमान, राजेश शर्मा सहित अन्य राष्ट्र रक्षक मौजूद रहे।समान नागरिक संहिता गोष्ठी में हिंदू जागरण मंच ने देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान राष्ट्रीय कानून बनाए जाने की मांग की। वक्ताओ ने कहा कि देशवासी एक समान कानून न होने के चलते भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं। मजनूवाला रोड स्थित हिंजाम कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में एक समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की मांग की गई। हिंजाम के प्रांतीय उपाध्यक्ष ठा. सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि एक समान नागरिक संहिता न होने के चलते महिलाओ में विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक कानून मानने को मजबूर होना पड़ता है। जबकि देश में अन्य माहिलाओ को कानून द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि एक समान कानून लागू होने से न्याय व्यवस्था और भेदभाव की भावना समाप्त होगी। अरविंद शर्मा ने कहा कि किसी भी देश में अलग-अलग धर्म और जातियों के लिए अलग-अलग कानून नहीं है। सब जगह सब नागरिकों पर उस राष्ट्र का कानून लागू होता है। जबकि भारत में अलग-अलग धर्मो के मानने वालो के लिए अलग-अलग कानून का प्रावधान होने से छूट पाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंेने कहा कि एक समान कानून होने से किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अरुण कुमार सिंघल ने कहा कि किसी भी वर्ग या किसी भी धर्म जाति के लोगों को एक समान कानून के तहत ही नियंत्रित किया जाना चाहिए। यदि एेसा नहीं हुआ तो समाज में असमानता की भावना पनपती रहेगी। गोष्ठी में सुरेशचंद त्यागी, दिनेश त्यागी, सुशील सैनी, किरणपाल, अनुज त्यागी, अनुज कश्यप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी की अध्यक्षता सियाराम त्यागी और संचालन राजबीर शर्मा ने किया। इस दौरान ठा. हीरा सिंह, संजय कुमार, रवि गुप्ता, मोहित गुज्जर, सहदेव, अमित धीमान, राजेश शर्मा सहित अन्य राष्ट्र रक्षक मौजूद रहे।