कबीर साहेब जी के पावन निर्वाण दिवस के अवसर पर आश्रम में की गई व्यवस्थाओं को देखकर श्रद्धालु अत्यंत प्रभावित नजर आए। श्रद्धालु ने बताया कि आश्रम परिसर में स्वच्छता, अनुशासन और शांति का वातावरण देखने को मिला। बैठने, जलपान और मार्गदर्शन की व्यवस्थाएँ बहुत ही सुव्यवस्थित थीं। निःशुल्क भंडारे में समानता और सेवा भाव स्पष्ट दिखाई दिया। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद कहीं भी अव्यवस्था नहीं थी।













