Case study @ AESH Childhood cataract removal from a 14years old young girl. She is perfectly fine now and can see everything clearly.
Case study @ AESH
14 बर्षीय इस बच्ची को दोनों आंखों में जन्म से मोतियाबिंद था। बचपन से ही पढाई लिखाई करने में बहुत परेशानी आती है। मोतियाबिंद के साथ ही इनकी आंख की पुतली ( कोर्निया) के आकार में विकार होने की वजह से आंख में तिरछा नंबर ( सिलिंड्रिकल नंबर) भी था। अत: मोतियाबिंद आपरेशन के बाद बच्ची को दूर द्रष्टि में चश्मा नहीं लगाना पडे इस हेतु विशिष्ट टोरिक लेंस प्रत्यारोपण का निर्णय लिया गया। अग्रवाल आई एंड स्किन हास्पिटल में मोतियाबिंद के फेको पद्धति द्वारा आपरेशन के अगले दिन बच्ची की संपूर्ण नजर लौट आने पर उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था और उस से भी ज्यादा खुश हास्पिटल की टीम है जटिल कार्य के सफल परिणाम प्राप्त होने पर।
बच्ची के पिता बहुत भावुक हो गये और ईश्वर को बहुत बहुत धन्यवाद दिया।
हम भी परम पिता परमेश्वर के इस बच्ची के सुखद परिणाम के लिए बहुत बहुत आभारी हैं।