लीगल टेररिस्ट को खुला पत्र
फिर कहोगी नए प्यार से कि हर काम माँ और बहन से क्यों पूछ कर क्यों करते हो ? फिर झूठ पकडे जाने पर कहोगी कि मैंने तो बताया था ? फिर से खुद ही अपना बच्चा गिरा दोगी और कहोगी क़ि इतना टार्चर हुआ कि एबॉर्शन हो गया ? फिर से सारे गिफ्ट मिले गहने मायके में रख आओगी ? फिर से बिना बात के झगडा कर के अलग हो जाओगी ? फिर से कोई तांत्रिक पूजा करवाओगी ताकि नया प्यार काबू में रहे ?
माई डिअर लीगल टेरेरिस्ट,
कैसी हो, आशा करती हूँ पैसा मिलते ही सारे दुःख दूर हो गए होंगे तुम्हारे। दहेज़,अत्याचार,घरेलू हिंसा और भी ना जाने क्या क्या किया हमने तुम्हारे साथ, वो सब भूल गयी होगी,पैसे जो मिल गए। मैं भी तुमको कब का भूल चुकी थी तुमको मगर कुछ बातें हैं ,जो अचानक याद आ गयीं। तो सोचा आज चिट्ठी लिख कर सब कुछ साफ़ कर लिया जाए। सुना है तुमको फिर से प्यार हो गया है, मतलब यह कौन से नंबर का प्रेम…
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