आगरा: नकली देशी घी फैक्ट्री पर छापा, करोड़ों का माल जब्त, पांच गिरफ्तार
आगरा के ताजगंज इलाके में श्याम फूड फैक्ट्री के नाम पर चल रहे नकली देशी घी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और एसओजी सिटी टीम ने सर्विलांस की मदद से फैक्ट्री पर छापा मारा और करोड़ों रुपये का नकली घी, कच्चा माल और मशीनरी जब्त की। फैक्ट्री में अमूल, मदर डेयरी, पतंजलि जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर नकली घी तैयार कर इसे उत्तर भारत के बाजारों में बेचा जा रहा था। पुलिस कार्रवाई का ब्यौरा पुलिस को सूचना मिली थी कि शमशाबाद रोड पर एक फैक्ट्री में नकली देशी घी बनाया जा रहा है। जांच के बाद पुलिस और एसओजी की टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। छापे के दौरान पता चला कि रिफाइंड तेल और कृत्रिम एसेंस के जरिए नकली देशी घी तैयार किया जा रहा था। इस नकली घी को बड़ी कंपनियों के नाम की पैकिंग में पैक कर बाजार में उतारा जाता था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के मैनेजर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले एक साल से यह धंधा चला रहे थे और रात के समय नकली घी तैयार करते थे। नकली घी की सप्लाई उत्तर भारत के कई राज्यों में की जाती थी।
खाद्य विभाग की जांच छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और बरामद सामग्री के सैंपल लिए। खाद्य विभाग अब इन सैंपलों की जांच करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि नकली घी के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव हो सकते हैं। पुलिस ने कहा है कि सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। जनता की प्रतिक्रिया हिंदुस्तानी बिरादरी के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "यह सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। प्रतिष्ठित कंपनियों की साख को नुकसान पहुंचाने और उपभोक्ताओं को धोखा देने का यह कृत्य अस्वीकार्य है। प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और जनता को जागरूक करना चाहिए ताकि ऐसे उत्पादों की पहचान की जा सके।" सामाजिक कार्यकर्ताओं की टिप्पणी सामाजिक कार्यकर्ता विजय उपाध्याय ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा, "नकली खाद्य उत्पादों का कारोबार सिर्फ मुनाफा कमाने की लालच में लोगों की जान को खतरे में डालता है। इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सरकार को खाद्य सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने होंगे। जागरूकता अभियान और कड़ी निगरानी समय की मांग है।" डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते हैं, ने कहा, "ऐसे नकली उत्पाद न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि लंबे समय तक इनके सेवन से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि इस तरह की फैक्ट्रियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करे और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को भी सस्ते उत्पादों के लालच से बचना चाहिए और हमेशा प्रमाणित कंपनियों के उत्पाद खरीदने चाहिए।" स्थानीय जनता में आक्रोश इस घटना के बाद आगरा में स्थानीय जनता और व्यापारिक संगठनों में रोष है। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। पुलिस और खाद्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को सराहा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य उत्पादों की जानकारी पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके। Read the full article














