चैतन्य भारत न्यूज
नई दिल्ली. देश के टॉप क्लास के विश्वविद्यालयों में शुमार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और हॉस्टल नियमों में बदलाव के चलते बीते कई दिनों से जो आंदोलन अब तक कैंपस के अंदर चल रहा था वो सोमवार(11 नवंबर) को बाहर निकल आया है। छात्रों का कहना है बढ़ी फीस से उनके सामने उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मुश्किलें आ रही हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती हैं तब तक वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
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छात्रों का कहना है कि हम बीते 15 दिनों से फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्याल में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं। वे बढ़ी फीस चुकाकर कैसे पढ़ाई कर पाएंगे। उनके सामने उच्च शिक्षा लेना बड़ी समस्या हो गई है। ऐसे में फीस वृद्धि वापस ली जानी चाहिए। इसके अलावा हॉस्टल का सर्विस चार्ज और ड्रेस कोड भी एक बड़ी समस्या है। इससे छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
Delhi: Jawaharlal Nehru Students' Union organises protest over different issues including fee hike, outside university campus. A protester says,'For last 15 days, we're protesting against fee hike. At least 40% students come from poor background,how'll these students study here?' pic.twitter.com/uurYQLNtga
— ANI (@ANI) November 11, 2019
बता दें कि कई दिनों से विरोध के बीच जेएनयू कैंपस छावनी में तब्दील हो गया है। एक ओर विश्वविद्यालय में हॉस्टल नियमों का विरोध तो दूसरी ओर सुरक्षा के लिए पहली बार सीआरपीएफ तैनात है। गौरतलब है कि, बीते सोमवार भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेएनयू कैंपस में काला रिबन बांधकर हॉस्टल मैनुअल एवं फीस बढ़ोत्तरी वापस लेने की मांग की थी।
Delhi: Jawaharlal Nehru Students' Union organises protest over different issues including fee hike, outside university campus. pic.twitter.com/KGU8epEOwD
— ANI (@ANI) November 11, 2019
खास बात यह है कि, आज ही वहां दीक्षांत समारोह है, जिसमें उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक शामिल हो चुके हैं। ऐसे में सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय ने इस बार दीक्षांत समारोह का आयोजन वसंत कुंज स्थित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के सभागार में किया गया है। पुलिस ने छात्रों से दीक्षांत समारोह और यातायात व्यवस्था में बाधा नहीं डालने का अनुरोध किया है।
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