राहु और केतु को प्रसन्न करने के लिए कई वैदिक उपाय हैं, लेकिन आपको उनका पालन अपनी जन्म कुंडली के पूर्ण विश्लेषण के बाद ही करना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में समस्याएं या मुश्किलें किसी न किसी ग्रह के कारण ही आती हैं. कुंडली में अशुभ व पापी ग्रहों के कारण किसी भी व्यक्ति को जीवन में अनेक परेशानियों व चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. वैदिक ज्योतिष में राहु-केतु को पापी व छाया ग्रह माना गया है। कुंडली में अगर इनकी स्थिति ठीक न हो तो जातक का जीवन बेहद संघर्षमय हो सकता है.










