जन्मदिन विशेष: एक कार मैकेनिक से गीतकार बनने तक 'गुलजार' का सफर
चैतन्य भारत न्यूज मशहूर गीतकार, अफसाना निगार (शायर), पटकथा लेखक, फिल्म निर्देशक और नाटककार गुलजार का आज 87वां जन्मदिन है। उम्र के इस पड़ाव पर भी गुलजार की कलम ऐसे अफसाने लिख देती है जिन्हें पढ़कर शायद आप एक अलग ही दुनिया में खो जाते हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर जानते हैं गुलजार साहब से जुड़ी खास बातें- 18 अगस्त 1934 को जन्में गुलजार का पूरा नाम संपूर्ण सिंह कालरा है। वह झेलम जिले के दीना से संबंध रखते थे। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। बचपन में ही मां के गुजर जाने की वजह से उन्हें पिता का बहुत दुलार नहीं मिला। देश का बंटवारा होने की वजह से उनका परिवार अमृतसर आकर बस गया और गुलजार मुंबई चले आए। पैसे की तंगहाली की वजह से उन्होंने वर्ली के एक गैराज में मैकेनिक का काम करना शुरू कर दिया। गुजलार को लिखने का बहुत शौक था इसलिए वह खाली समय में कविताएं लिखा करते थे।
निर्देशक के तौर पर गुलजार ने अपना करियर 1971 में 'मेरे अपने' से शुरू किया था। इससे पहले बतौर लेखक उन्होंने आशीर्वाद, आनन्द, खामोशी जैसी फिल्मों के लिए डायलॉग और स्क्रिप्ट लिखी थी। गुलजार ने संजीव कुमार के साथ मिलकर आंधी, मौसम, अंगूर और नमकीन जैसी फिल्में भी निर्देशित कीं। गुलजार को गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा राखी से मोहब्बत हो गई थी। राखी पहले से शादीशुदा थीं। 15 साल की उम्र में उनकी शादी एक बांग्ला फिल्मकार से हो चुकी थी। लेकिन यह शादी लंबे समय तक नहीं चली और ये रिश्ता टूट गया। गुलजार की राखी से पहली मुलाकात बॉलीवुड की एक पार्टी में हुई और वह उन्हें दिल दे बैठे। आखिरकार दोनों ने 15 मई 1973 को शादी कर ली।
उन्होंने बिमल रॉय के साथ असिस्टेंट का काम किया। एस.डी. बर्मन की 'बंदिनी' से बतौर गीतकार शुरुआत की। उनका पहला गाना था, 'मोरा गोरा अंग' बतौर डायरेक्टर गुलजार की पहली फिल्म 'मेरे अपने' (1971) थी, जो बंगाली फिल्म 'अपनाजन' की रीमेक थी। गुलजार की अधिकतर फिल्मों में फ्लैशबैक देखने को मिलता, उनका मानना है कि अतीत को दिखाए बिना फिल्म पूरी नहीं हो सकती। इसकी झलक, 'किताब', 'आंधी' और 'इजाजत' जैसी फिल्मों में देखने को मिल जाती है। गुलजार उर्दू में लिखना पसंद करते हैं। गुलजार को 2002 में साहित्य अकादमी, 2004 में पद्म भूषण और 2008 में आई 'स्लमडॉग मिलेनियर' के गाने 'जय हो' के लिए ग्रैमी अवॉर्ड मिला। ये भी पढ़े... जन्मदिन विशेष: पत्नी राखी के फिल्मों में काम करने के खिलाफ थे गुलजार, इस बात का हमेशा रहा मलाल Read the full article















