भारत में प्राचानीकाल से ही अनेक अवसरों पर अलग-अलग पर्व मनाये जाते हैं। इन पर्वो का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त बुराईयों का अन्त कर समाज को उन्नत बनाना रहा है। दशहरा का पर्व भी प्रतिवर्ष शारदीय …
दशहरा का पर्व भी प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की दशमी की तिथि को लगभग सम्पूर्ण भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथा मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम ने बुराई के पर्याय लंका के राजा रावण का वध किया था। अतः दशहरे के पर्व को हमारे देश में बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है। राम को जहां अच्छाई का प्रतीक माना जाता है वही रावण को बुराईयों का प्रतीक माना जाता है। हमारे देश में आज भी अशिक्षा, बढ़ता प्रदूषण, महिला हत्याचार, कुपोषण, भ्रष्टाचार आदि जैसी अनेक सामजिक बुराईयां विद्यमान हैं।









