पपीता क्यों है जरूरी अच्छे स्वास्थ्य के लिए
आपके बारे में तो मैं कह नहीं सकती लेकिन पपीता एक ऐसा फल है जो मैं साल के किसी भी मौसम में खा सकती हूं और यह साल भर उपलब्ध भी रहता है। इसके पीछे एक नहीं कई कारण हैं। उच्च रक्तचाप और वजन कम करने में तो यह लाभदायक है ही साथ ही मधुमेह से बचाव में भी सहायता करता है। तो आइए जानते हैं पपीते के कुछ और गुण।
पपीते में एन्टी ऑक्सीडेंट, विटामिन सी और फाइबर भरपूर मात्रा में होने से इसमें कोलेस्ट्रॉल को स्वभाविक रूप से नियंत्रित करने की क्षमता है। यदि वजन कम करने के बारे में सोचें तो पपीता बहुत ही कम कैलोरी वाला फल तो है ही साथ ही फाइबर से भरपूर होने की वजह से ये भूख को बढ़ने ही नहीं देता। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को तरह तरह के संक्रमणों से बचाने के जरूरत होती है विटामिन सी की जोकि पपीते में भरपूर पाया जाता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ करने में मदद करता है। मीठा होने के बावजूद भी पपीते में चीनी की मात्रा कम होती है इसलिए मधुमेह के रोगियों के लिए यह एक श्रेष्ठ फल है। जो लोग मधुमेह से ग्रसित नहीं हैं वे इसके सेवन से मधुमेह से बच सकते हैं। पपीते में विटामिन ए की मात्रा भरपूर रूप से पाई जाने के कारण यह आंखों के लिए वरदान है। बढ़ती आयु के कारण घटती हुई आंखों की रोशनी के लिए तो यह वरदान है। हड्डियों के लिए तो पपीता अच्छा है ही, लेकिन गठिया के रोग के कारण कमज़ोर हुई हड्डियों को भी यह मज़बूत बनाता है। अत्याधिक मात्रा में तेल से बने हुए जंक फूड से बचने के लिए पपीते में पपाइन नाम का एंज़ाइम होता है जो पाचन क्रिया को सुधार कर स्वस्थ रहने में मदद करता है। महिलाओं को मासिक धर्म मे दर्द हो या फिर अनियमित मासिक धर्म की परेशानी, पपीते में मौजूद पपाइन एंजाइम न सिर्फ दर्द को कम करता है बल्कि मासिक प्रवाह को भी नियमित करता है।
हमेशा जवान बने रहने की इच्छा तो सभी मे होती है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है। फिर भी पपीते के सेवन से जवान बने रहने के समय को थोड़ा लंबा खींचा जा सकता है। पपीते में पाए जाने वाले विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा-केरोटीन जैसे एन्टी ऑक्सीडेंट्स त्वचा को झुर्रियों से मुक्त करके त्वचा में चमक लाते हैं। त्वचा के साथ साथ बालों के स्वास्थ्य के लिए भी पपीते का प्रयोग होता है। इसमें पाया जाने वाले विटामिन ए का प्रयोग सीबम बनाये जाने के लिए होता है जो बालों को मुलायम, चमकदार ओर मजबूत बनाता है। अगर हम कहें कि पपीता कैंसर से रोकथाम का उपचार है तो ये कहना गलत न होगा। यह एन्टी ऑक्सीडेंट, फायटोन्यूट्रिएंट्स, फ्लेवोनॉयड और बीटा केरोटीन का स्त्रोत है जो कि प्रोस्टेट कैंसर और कोलोन कैंसर से सुरक्षित रखता है। अगर काम से घर वापस आएं और पपीता खाएं तो यह तनावमुक्त रखने में कोई कसर नहीं छोड़ता। जो लोग डेंगू के प्रकोप का भाजन हैं उनके लिए पपीता ओर पपीते के पत्तों का रस खून में घटे हुए प्लेटलेट्स को बढ़ा देता है। अब तो आपको समझ आ ही गया होगा कि पपीते को अपने दैनिक भोजन में शामिल करना एक समझदारी का काम होगा। Read the full article










