सतलोक में कबीर परमेश्वर के 16 पुत्रों में से एक पुत्र अचिंत को जब परमात्मा ने अन्य सृष्टि रचने को कहा तब उसने अक्षर पुरुष की उत्पत्ति की जो मानसरोवर में सोलाल गया। जिसको जगाने के लिए परमात्मा ने काल की उत्पत्ति की। अचिंत सृष्टि करने में असमर्थ रहा। सतपुरुष (कविर्देव) ने सतलोक में आकाशवाणी की कि अक्षर पुरुष और काल (क्षर पुरुष) दोनों अचिंत के द्वीप में रहो। आज्ञा पाकर अक्षर पुरुष तथा क्षर पुरुष (कैल) दोनों अचिंत के द्वीप में रहने लगे। फिर पूर्ण धनी कविर्देव ने सर्व रचना स्वयं की। - जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज 👇 For more information:- Visit on satlok ashram youtube channel #krishna #durga #jaimatdi #durgamaa #bhakti #hindu #SaintRampalJi #SupremeGodKabir (at Indore, India) https://www.instagram.com/p/CNkoJQtFkS0/?igshid=q99wlgin7f2s














