जय जोहार संगवारी मैं हूं हर्ष आज मैं आपको लेकर चलूंगा एक ऐसी जगह जहां पर प्रवासी पक्षी निवास करने आते हैं इस धाम का नाम है कनकेश्वर धाम या कनकी धाम या प्रवासी पक्षी धाम यहां पर दो प्रकार के पक्षी बाहर से आते हैं और घोंसला बनाकर रहते हैं फिर अंडे देते हैं अंडे से पक्षी बड़े होने तक रुकते हैं फिर वापस चले जाते हैं यह छत्तीसगढ़ में एक ही जगह है जहां प्रवासी पक्षी भारी तादाद में आते हैं और एक साथ एक ही जगह पर रहते हैं इसे कनकी धाम के नाम से या प्रवासी पक्षी नाम के जाना जाता है यह कोरबा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी में है मंदिर परिसर में प्रवासी पक्षियों का डेरा कनकी के विभिन्न विशेषताओं में एक विशेषता प्रवासी पक्षियों का मंदिर परिसर के पेड़ों में डेरा बनाना भी है। प्रतिवर्ष जून माह में श्रीलंका से आने वाले पक्षी एशियन बिलस्टॉक पेडों पर घोसला बनाते है। यहां नवजात पक्षियों के प्रजनन के लिए अंडे भी देते हैं। पक्षी उड़ान भरने योग्य हो जाते हैं, तब वे वापस चले आते हैं। पक्षियों का यह झुंड़ केवल मंदिर परिसर के पेडों पर ही देखा जाना आश्चर्य का विषय है। #kankidham #kanki #korba #korbatourism #kanki #birdlovers #birds #birdnest #birdlove (at Kanki, Chhattīsgarh, India) https://www.instagram.com/p/CFoD7UoBkFS/?igshid=1wwor6jksx6ym












