कर ले मुतासिब सब कुछ वो,
जो दिल तेरे भा जाए कभी
और बैठ ज़रा कभी पास मेरे
ये दिल सुकून खा जाए कभी,
और फिर अठखेलिआं कर लेना तुम
हम मना कर भी न पाएंगे
तुम खेल चले जाना हमसे
हम खिलौना सा बन जायेंगे
खूब नज़र करेगा ज़मां हमपर
ये हाल क्या अपना कर बैठे
देखा न कभी था दरवाज़ा भी मयखानों का
वो जाम तेरे लिए भर बैठे...🖊
#thoughts #kuchhbhi













