वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार राहु एक भौतिकवादी ग्रह है और दसवां भाव भौतिक सुख का कारक है। राहु ग्रह दसवें भाव में उत्तम व शुभ फल देता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार सभी नौ ग्रहों में राहु को एक बड़ा परिवर्तन करने वाला और खराब फल देने वाला ग्रह कहा गया है। लेकिन जरूरी है दिए गए तथ्यों को गहराई से समझा जाए, क्योंकि कोई भी ग्रह शुभ और पाप नहीं होता है। वह अपने गुण तत्वों में जिस चीज की अधिकता दिखाता है उसे उसके अनुरूप ही परिभाषित किया जाता है। राहु का असर खराब जीवन शैली के समय को बताता है।










