Low Rainfall in Haryana: Adverse Impact on Wheat Production, Farmers Advised to Increase Irrigation
हरियाणा के 21 जिलों में से 18 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे गेहूं की पछेती और अगेती फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यदि दिन का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ता रहा, तो पैदावार पर असर और भी गंभीर हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के अंतिम दिनों में तेज धूप और शुष्क मौसम के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ा है। अगर पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां नहीं होती हैं, तो किसानों को अगेती गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जैसा कि 2020 और 2022 में हुआ था।
















