PM Modi Cancels His Rally In Punjab's Ferozepur.
seen from Türkiye
seen from United States

seen from United States
seen from Germany

seen from United States

seen from Germany
seen from Israel
seen from Ukraine
seen from United States
seen from United States
seen from United States
seen from Türkiye
seen from Argentina

seen from United States
seen from United States
seen from China
seen from Switzerland

seen from Netherlands
seen from United States

seen from Netherlands
PM Modi Cancels His Rally In Punjab's Ferozepur.
Howdey modi, america #howdymodi #howdy #modiinamerica #moditrump #modirally #crowdmodivator #modipower #trumppower https://www.instagram.com/p/B2tPg47J5EW/?igshid=vjysxx67jqwd
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना विवादों में
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना इन दिनों विवादों में है वहीं भारतीय जनता पार्टी अपनी चुनावी रैलियों में इस योजना को एक बड़ी सफलता के रूप में पेश कर रही है. हड़बड़ी में योजना लागू करने का विपरीत असर दिखाई पड़ने लगा है. दरअसल उज्ज्वला योजना लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने गैस की जगह परम्परागत ईंधन का उपयोग के कारणों का पता लगाने के लिये क्रिसिल से एक सर्वे कराया था जिसमें 86 प्रतिशत लोगों ने बताया था कि वे गैस कनेक्शन महंगा होने की वजह से इसका प्रयोग नहीं करते हैं जबकि 83 प्रतिशत लोगों ने सिलेंडर महंगा होना भी कारण बताया था, इस सर्वे में सिलेंडर मिलने के लिए लगने वाला लम्बा समय और दूरी भी एक प्रमुख बाधा के रूप में सामने आई थी. लेकिन सरकार ने योजना लागू करते समय कनेक्शन वाली समस्या को छोड़ अन्य किसी पर ध्यान नहीं दिया है, उलटे सिलेंडर पहले के मुकाबले और ज़्यादा महंगा कर दिया गया है.इसी तरह से जल्दी सिलेंडर डिलीवरी को लेकर होने वाली झंझटों पर भी ध्यान ही नहीं दिया गया.सरकार ने गैस कनेक्शन महंगा होने की समस्या की तरफ ध्यान दिया था और इसका असर साफ़ दिखाई पड़ रहा है. बड़ी संख्या में लोगों की एलपीजी कनेक्शन लेने की बाधा दूर हुयी है लेकिन क्रिसिल द्वारा बताई गयी अन्य बाधायें ज्यों की त्यों बनी हुयी हैं. लोगों को कनेक्शन मिले हैं लेकिन इनके उपयोग का सवाल बना हुआ है. मौजूदा चुनौती उज्ज्वला स्कीम के तहत मिले गैस सिलेंडर रिफिल की है, गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति इस दिशा में सबसे बड़ी बाधा है. रंगराजन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन रोज 32 रुपये से कम (960 रुपये महीना) और शहरी क्षेत्रों में रोजाना 47 रुपये (1410 रुपये महीना) से कम खर्च करने वाले परिवारों को गरीबी रेखा के नीचे माना गया है. ऐसे में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार किस हिसाब से सिलेंडर भरवाने में सक्षम होंगे. इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है.कुछ नयी बाधायें भी सामने आई हैं जैसे गैस चूल्हा, सिलेंडर में भरी गैस और नली के लिये हितग्राहियों को करीब 1800 रुपए चुकाने पड़ते हैं जिसे मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर गैस सिलेंडर पर सब्सिडी से ही वसूला जा रहा है जिससे उन्हें गैस सिलेंडर और महंगा पड़ रहा है. एक अंग्रेजी दैनिक द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक जितना मोदी सरकार इस योजना का बखान कर रही है ,तस्वीर उसके उलट है इस योजना के अंतर्गत एलपीजी गैस कनेक्शन पाने वाले ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में तमाम परिवार चूल्हे पर भोजन बना रहे हैं। रिपोर्ट के हवाले में कहा गया है की , ‘जिन लोगों ने खुद से अपने घर में एलपीजी कनेक्शन की व्यवस्था की है, उनके मुकाबले उज्ज्वला लाभार्थी काफी गरीब हैं. अगर ऐसे लोग सिलेंडर दोबारा भराते हैं तो उनके घर की आय का अच्छा खासा हिस्सा इसमें खर्च हो जाता है. इस वजह से ये परिवार सिलेंडर के खत्म होते ही दोबारा इसे भराने में असमर्थ होते हैं.’ रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पैसनेट इकोनॉमिक्स (आरआईसीई) के हालिया बयान से पता चलता है कि आर्थिक कारणों की वजह से बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में 85 फीसदी उज्ज्वला लाभार्थी अभी भी खाना पकाने के लिए ठोस ईंधन यानी कि मिट्टी के चूल्हे का उपयोग करते हैं. पड़ताल में पता चला है की इसका कारण गांवों में लैंगिक असमानता भी है. लड़की से खाना पकाने पर जो वायु प्रदूषण होता है उसकी वजह से शिशु की मृत्यु हो सकती है और बच्चे के विकास में नुकसान पहुंच सकता है. #lokshaba2019 #modirally #modisarkar #आरआईसीई #प्रधानमंत्रीउज्ज्वलायोजना #lepannganews #hindinwes #latestnews #pm #loksabhaelection2019
प्रवीण कुमार।ले पंगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना इन दिनों विवादों में है वहीं भारतीय जनता पार्टी अपनी चुनावी रैलियों में इस योजना को एक बड़ी सफलता के रूप में पेश कर रही है. हड़बड़ी में योजना लागू करने का विपरीत असर दिखाई पड़ने लगा है. दरअसल उज्ज्वला योजना लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने गैस की जगह परम्परागत ईंधन का उपयोग के कारणों का पता लगाने के लिये … Continue reading "प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना विवादों में"
ले पंगा न्यूज। देवेन्द्र कुमार। चुनाव आयोग द्वारा विमानन मंत्रालय को भेजे गए नोटिस का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को सख्ती दिखाते हुए विमानन मंत्रालय को इसके लिए फटकार लगाई है। आयोग ने उससे जवाब माँगा है कि मदुरै एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास पर पीएम नरेंद्र मोदी की … Continue reading "चुनाव आयोग को मिल रही शिकायत, आचार संहिता के उल्लंघन पर आयोग सख्त"
शराब से की तुलना मोदी जी ने आज तीन राजनैतिक दलों की एसपी, बीएसपी और आरएलडी
गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान का पीएम मोदी ने किया था वादा, नहीं किया पूरा: कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “4 फरवरी, 2017 को नरेंद्र मोदी जब मेरठ आए थे, तो उन्होंने गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान का वादा किया था। लेकिन, आज भी देश भर में गन्ना किसानों के 20 हजार करोड़ बकाया है, जिसमें से 10,074 करोड़ अकेले उत्तर प्रदेश के बकाया है।”
उन्होंने कहा, “मोदी जी ने आज तीन राजनैतिक दलों एसपी, बीएसपी और आरएलडी की तुलना शराब से की। क्या देश के प्रधानमंत्री को ये शोभा देता है? क्या यह प्रजातंत्र की मर्यादा है? लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ रहे दलों को शराब बताने को देश स्वीकार्य नहीं करेगा।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को मेरठ में आयोजित रैली में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि जो सत्तर साल में गरीबों के खाते तक नहीं खुलवा पाए, वे खाते में पैसे कहां से डालेंगे. पीएम ने कहा कि जो लोग इस चौकीदार को चुनौती देते थे, वे अब रो रहे हैं कि मोदी ने पाकिस्तान को घर में घुसकर क्यों मारा. मोदी ने यह क्यों किया वह क्यों किया. विरोधियों में पाकिस्तान में मशहूर होने की होड़ लगी है. मैं देश की जनता से पूछना चाहता हूं कि आपको सबूत चाहिए या फिर सपूत.
पीएम मोदी द्वारा एसपी, बीएसपी और आरएलडी को सराब कहने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफरत के नशे को बढ़ावा देते हैं। सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो बीजेपी 5 साल से दिखा रही है, लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।”
#modirally #RLD #sharab BSP sp
“ गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान का पीएम मोदी ने किया था वादा, नहीं किया पूरा: कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “4 फरवरी, 2017 को नरेंद्र मोदी जब मेरठ आए थे, तो उन्होंने गन्ना किसानों को 14 दिन में भुगतान का वादा किया था। लेकिन, आज भी देश भर में गन्ना किसानों के … Continue reading "शराब से की तुलना मोदी जी ने आज तीन राजनैतिक दलों की एसपी, बीएसपी और आरएलडी"