जयंती विशेष : कभी ढाबे पर नौकरी करते थे ओम पुरी, चोरी का आरोप लगने पर गंवानी पड़ी थी नौकरी
चैतन्य भारत न्यूज हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी का आज जन्मदिन है। 18 अक्टूबर 1950 में जन्मे ओम पुरी का जीवन विवादों से भरा रहा है। हालांकि पर्दे पर उन्होंने हर तरह के किरदार को जीवंत कर दिया। जन्मदिन के इस खास मौके पर आज हम ओम पुरी के बारे में कुछ ऐसे राज खोलेंगे जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({});
200 से अधिक फिल्मों में काम करने और हर फिल्म में बिना किसी ऑडिशन के रोल पाने वाले ओम पुरी कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। ओमपुरी का परिवार बेहद साधारण था। वो परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए ढाबे पर नौकरी करने लगे, जहां उन पर चोरी का आरोप लगा दिया गया और उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। फिल्मी दुनिया में ओम पुरी एक ऐसे शख्स थे, जो विवादों से हमेशा दूर रहे। लेकिन विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ते थे। कभी अपनी निजी जिंदगी को लेकर तो कभी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर वह उलझे रहे।
खबरों के मुताबिक, ओम पुरी जब महज 14 साल के थे तो उनका अपनी नौकरानी पर दिल आ गया था। ये बात ओम पुरी ने अपनी पत्नी नंदिता को बताई थीं। साल 1993 में पत्रकार नंदिता से उनकी शादी हुई थी। 2009 में नंदिता ने उन पर किताब लिखी और उसमें ये सारी घटनाओं को उजागर कर दिया। इस किताब का नाम है 'असाधारण नायक ओमपुरी'। कहा जाता है कि नंदिता की इस बात से ओम पुरी काफी नाराज हुए थे।
बता दें साल 1980 में रिलीज फिल्म 'आक्रोश' ओम पुरी के सिने करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। इसके बाद उन्होंने ‘स्पर्श’, ‘कलयुग’, ‘विजेता’, ‘गांधी’, ‘मंडी’, ‘डिस्को डांसर’, ‘गिद्धद्व होली’, ‘पार्टी’, ‘मिर्च मसाला’, ‘कर्मयोद्धा’, ‘द्रोहकाल’, ‘कृष्णा’, ‘माचिस’, ‘घातक’, ‘गुप्त’, ‘आस्था’, ‘चाची 420’, ‘चाइना गेट’ जैसे बड़ी फिल्मों में काम किया।
ओम पुरी ने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘माई सन द फैनेटिक’, ‘द पैरोल ऑफिसर’, ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वोल्फ’, ‘द घोस्ट एंड द डार्कनेस’, ‘चार्ली विल्सन वॉर’ उनकी हॉलीवुड की फिल्में हैं। ओम पुरी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से वह आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं।
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