सभी विपरीत राजयोगों की तरह जातक का अन्त एकाकी और दुखद ही होगा।
वृष, मिथुन, तुला और मकर लग्नों में यदि बृहस्पति वृष या तुला राशि पर हों और शनि से य़ुति कर ले तो यह मध्यम विपरीत राजयोग होगा।
किन्तु यही बृहस्पति यदि मेष, सिंह या मकर राशि पर स्थित शनि से देखें जाँय तो प्रबल विपरीत राजयोग होगा।
हां ! सभी विपरीत राजयोगों की तरह जातक का अन्त एकाकी और दुखद ही होगा।
---------निर्णयभाष्कर स्व0 श्री ईश्वरी दत्त द्विवेदी।












