🧘🏻♀️ स्वयं में प्रभु का दर्शन कब और कैसे होगा? 🧘🏻♂️
🕉️ How will one experience the divine within oneself? 🎉
आज लाखों भक्त प्रतिदिन अपने प्रभु के वाह्य दर्शन के लिए पधार रहे हैं, आज हर कोई अपने प्रभु के दर्शन करने का अभिलाषी हैं, और हो भी क्यों ना! आखिरकार 500 साल के लंबे इंतजार के बाद पुनः अयोध्या की पावन धरती पर हमारे प्रभु श्रीराम की भव्य मंदिर का निर्माण एवं उनके दिव्य मूर्ति का अनावरण जो हुआ है।
लेकिन आप स्वयं के हृदय पर हाथ रखकर विचार कीजिए कि क्या अपने प्रभु के स्वरूप का वाह्य दर्शन ही संपूर्ण है हमारे जीवन में? या इससे भिन्न कोई और दर्शन भी है जिसके बिना यह सब अधूरा है। वाह्य दर्शन तो प्रतीक मात्र है स्वयं के अंदर दर्शन करने का। आज आवश्यकता है हमें स्वयं में अपने प्रभु के दर्शन करने का। तो आईए जानते हैं स्वयं में प्रभु का दर्शन कब और कैसे होगा एक मूर्तिकार की कहानी के माध्यम से।
सोच भले ही नए रखिए, संस्कार सनातन ही अच्छे हैं।
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