पहाड़ का बांस “रिंगाल” रिंगाल उत्तराखंड के जंगलो में पाए जाने वाली बांस की एक प्रजाति हैं, रिंगाल की लम्बाई 5-8 मीटर होती है, इसी कारण रिंगाल को बोना बांस भी कहा जाता है, रिंगाल की जड़े जमीन को मजबूती से पकड़े रहती है साथ ही इसका पेड़ लचीला होता है जब इसपर पानी पड़ता है तो ये झुक जाता है और जड़ें जमीन को कस कर जकड़ लेती है। अपनी इसी खूबी के कारण ही ये जमीन का कटाव नहीं होने देता। उत्तराखंड के हस्तशिल्पी दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली विभिन्न वस्तुओं का निर्माण रिंगाल से करतें है। रिंगाल से बनी सामग्री प्लास्टिक के उत्पादों का एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है, साथ ही उत्तराखण्ड के हस्तशिल्पियों की आय का स्रोत बन सकती है। रिंगाल से टोकरी, कंडे, सोफे, चटाई, सजावट की वस्तुएं का निर्माण किया जाता है आवश्यकता इस बात की है, कि हम सब मिलकर इन उत्पादों का प्रयोग करे । इन हस्तशिल्पियों द्वारा बनाई जा रही सामग्री को खरीद कर मैदानों की ओर हो रहे पलायन को भी कुछ हद तक रोक जा सकता है। #self_dependent_uttarakhand #reverse_migration #uttarakhand #incredible_uttarakhand #reversemigration #rurallife #villagelife #uttarakhandculture #TravelUttarakhand #travellers #travelpics (at उत्तराखंड) https://www.instagram.com/p/CEbqDgMhSLC/?igshid=1s0k7mtgtrs4v
















