जोड़ियां दी माता sheetla mandir, sheetal nagar basohli, sheetla mata
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं

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जोड़ियां दी माता sheetla mandir, sheetal nagar basohli, sheetla mata
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं
जोड़ियां दी माता sheetla mandir, sheetal nagar basohli, sheetla mata
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं।
जोड़ियां दी माता sheetla mandir, sheetal nagar basohli, sheetla mata
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं।
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं।
यह मंदिर जम्मू राज्य के जिला कठुआ तहसील बसोली से 40 किलोमीटर दूर शीतल नगर में है | शीतल नगर से 4-5 घण्टे की यात्रा है।
यह मंदिर बंजाल की पहाड़ियॉं में है और शीतल नगर से 4 किमी की दुरी पर स्थित है। बंजाल (बनी, जिला कठुआ) से इसकी ऊंचाई लगभग 7,000 फीट है।
मंदिर के अन्दर सीतला माता की मूर्ति स्थापित है | आस पास क्षेत्र के स्वयंसेवी समूह यहाँ पर आने वाले तीर्थयात्रियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में मदद करते हैं।
जोड़ी दी माता स्थानीय लोगों की बहुत आस्था रखती है। ऐसी मान्यता है यहाँ जो कुछ भी माँगा जाता है सब मिलता है | धार्मिक स्थल होने के साथ साथ यह भी एक खूबसूरत जगह है, जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है।
माँ शीतला ज्योडीया वाली जी के दर्शन करने के लिए आपको गांव कोट से लेकर ज्योडीया पर्वत तक पैदल यात्रा करनी होती है।
इस मंदिर में हिमाचल , पंजाब व जम्मु प्रांत के यात्री मां के दर्शन के लिए आते है । चैत्र नवरात्रों मे यह मंदिर बरफिले पर्वतों से घिरा होता है तथा शारदीय नवरात्रि में यहां भवय मेला लगता है
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं।
जोड़ियां दी माता ( शीतला माता मंदिर ) एक धार्मिक हिन्दू मंदिर है, जहां नवरात्रों के दौरान सैकड़ों तीर्थयात्री आते हैं।
यह मंदिर जम्मू राज्य के जिला कठुआ तहसील बसोली से 40 किलोमीटर दूर शीतल नगर में है | शीतल नगर से 4-5 घण्टे की यात्रा है।
यह मंदिर बंजाल की पहाड़ियॉं में है और शीतल नगर से 4 किमी की दुरी पर स्थित है। बंजाल (बनी, जिला कठुआ) से इसकी ऊंचाई लगभग 7,000 फीट है।
मंदिर के अन्दर सीतला माता की मूर्ति स्थापित है | आस पास क्षेत्र के स्वयंसेवी समूह यहाँ पर आने वाले तीर्थयात्रियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में मदद करते हैं।
जोड़ी दी माता स्थानीय लोगों की बहुत आस्था रखती है। ऐसी मान्यता है यहाँ जो कुछ भी माँगा जाता है सब मिलता है | धार्मिक स्थल होने के साथ साथ यह भी एक खूबसूरत जगह है, जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है।
माँ शीतला ज्योडीया वाली जी के दर्शन करने के लिए आपको गांव कोट से लेकर ज्योडीया पर्वत तक पैदल यात्रा करनी होती है।
इस मंदिर में हिमाचल , पंजाब व जम्मु प्रांत के यात्री मां के दर्शन के लिए आते है । चैत्र नवरात्रों मे यह मंदिर बरफिले पर्वतों से घिरा होता है तथा शारदीय नवरात्रि में यहां भवय मेला लगता है
लुधियाना के साउथ इंडियन धर्मशाला कमेटी द्वारा धूम- धाम से निकली जा रही है शीतला माता की शोभा यात्रा|
लुधियाना के साउथ इंडियन धर्मशाला कमेटी द्वारा धूम- धाम से निकली जा रही है शीतला माता की शोभा यात्रा| #ludhiana #sheetlamata #jaimatadi #sawan
लुधियाना, 7 आगस्त (राजू श्रीवास्तव): लुधियाना के वार्ड नंबर 87 के अंतर्गत बिंद्रा कॉलोनी रोड, शीतला माता मंदिर, “साउथ इंडियन धर्मशाला कमेटी” की ओर से 49वां विशाल भंडारा एवं मेला का आयोजन 6 अगस्त से लेकर 8 अगस्त तक किया जा रहा है, इस आयोजन में माता के दर्शन के लिए बहुत दूर- दूर लोगी उपस्थित हो रहे है| “ साउथ इंडियन धर्मशाला कमेटी” के प्रधान श्री राकेश कुमार ने बताया कि बिंद्रा कॉलोनी स्थित…
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जानिए कौन हैं शीतला माता ? कैसे हुई उत्पत्ति
जानिए कौन हैं शीतला माता ? कैसे हुई उत्पत्ति
माँ शीतला नाम आपने कई बार सुना होगा। शीतला माता एक सिद्ध व प्रसिद्ध हिन्दू देवी हैं। इनका प्राचीनकाल से ही बहुत अधिक महत्त्व रहा है। स्कंद पुराण में शीतला देवी का वाहन गर्दभ बताया गया है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी अष्टमी को शीतला माता का पर्व मनाया जाता है। कहते हैं कि इस देवी की पूजा से चेचक का रोग ठीक होता है। चलिए आपको बताते हैं माँ शीतला से जुडी कुछ रोचक बातें – स्कंद पुराण अनुसार…
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मार्च 2021: इस महीने के त्यौहार, पर्व व शुभ मुहूर्त
मार्च 2021: इस महीने के त्यौहार, पर्व व शुभ मुहूर्त
2021 के तीसरे महीने की शुरुआत फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की द्वितीया के साथ अमृत काल से … वर्ष 2021 का दूसरा महीना यानी फरवरी खत्म होने वाला है, इसके बाद मार्च शुरू हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, अब मार्च में विजया एकादशी, प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि के अलावा होली जैसे व्रत और त्योहार आएंगे। इस महीने की शुरुआत फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की द्वितीया के साथ अमृत काल से हो रही है। महीने की शुरुआत…
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