भारत में केसर की खेती को नई उड़ान मिल रही है – और इसके पीछे हैं गौरव सबरवाल। 🇮🇳🌱
गौरव सबरवाल ने साबित कर दिया है कि अगर सोच नई हो, तो खेती भी बदल सकती है। 💡
हिमाचल के सोलन में, बिना मिट्टी – सिर्फ हवा और नमी में उगाई जा रही है शुद्ध और सुगंधित सैफ्रन। इसे कहते हैं एरोपोनिक तकनीक – कम पानी, बिना कीटनाशक, और ज़्यादा गुणवत्ता।
गौरव की फार्म शूलिनी सैफ्रन आज किसानों के लिए प्रेरणा है। सिर्फ एक साल में ₹500 प्रति ग्राम पर 500 ग्राम सैफ्रन! लेकिन बात सिर्फ पैसों की नहीं है – बात है बदलाव की सोच की।
आज उनके फार्म पर किसान सीखने आते हैं, सैफ्रन उगाने नहीं, भविष्य गढ़ने।
गौरव कहते हैं – "यह शुरुआत है, हम चाहते हैं कि हर किसान पानी की कमी के बावजूद मुनाफा कमा सके।"
🚜🌸 एक किसान की सोच, पूरे देश की दिशा बदल सकती है।











